‘अनलकी बंगला’ से हटकर बना सौभाग्य का पता! 5 देशरत्न मार्ग डिप्टी सीएम व गृह मंत्री सम्राट चौधरी के लिए साबित हुआ लकी

पटना, बिहार — राजनीति में अक्सर पद, समय और निवास को लेकर कई तरह की मान्यताएँ और धारणाएँ जुड़ी होती हैं। बिहार की राजनीति में ऐसा ही एक पता — 5 देशरत्न मार्ग — लंबे समय तक “अनलकी बंगला” के रूप में चर्चा में रहा है। बताया जाता है कि इस बंगले में रह चुके तीन बड़े नेता — भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद स्व. सुशील कुमार मोदी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और राजद नेता तेजस्वी यादव — उपमुख्यमंत्री पद से दोबारा वापसी नहीं कर पाए थे। इसी कारण 5 देशरत्न मार्ग को “उपमुख्यमंत्रियों के लिए अपशकुनी” माना जाने लगा था।

लेकिन यह धारणा अब टूटती हुई दिखाई दे रही है — क्योंकि डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी के लिए यही बंगला बेहद लकी साबित हो रहा है।

🔹 पुरानी मान्यता को सम्राट चौधरी ने किया ध्वस्त

राजनीतिक विश्लेषक बताते हैं कि 2015 के बाद यह माना जाने लगा था कि कोई भी नेता 5 देशरत्न मार्ग में डिप्टी सीएम बनकर जाता है तो अगली बार इस पद पर वापसी नहीं कर पाता।
उदाहरण —
✔ स्व. सुशील मोदी
✔ तेजस्वी यादव
✔ तारकिशोर प्रसाद
तीनों एक बार डिप्टी सीएम बने, बंगला मिला, लेकिन दोबारा पद तक नहीं पहुंच सके।

लेकिन यह चक्र सम्राट चौधरी के मामले में टूट चुका है।

🔹 पहली बार 2024 में बने डिप्टी सीएम — मिला वही बंगला

जब 2024 में एनडीए सरकार बनी, तब सम्राट चौधरी को डिप्टी सीएम बनाया गया और उन्हें यही बंगला — 5 देशरत्न मार्ग — आवंटित किया गया। उस समय भी राजनीतिक गलियारों में “अनलकी बंगले” वाली चर्चा खूब हुई थी, लेकिन सम्राट चौधरी ने इसे नजरअंदाज़ करते हुए बंगले को सिर्फ “कार्यस्थल” और “जनसंपर्क केंद्र” की तरह इस्तेमाल किया।

🔹 2025 में फिर बने डिप्टी सीएम — फिर उसी बंगले में किया प्रवेश

2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला।
नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने और सम्राट चौधरी ने दूसरी बार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली
और एक बार फिर उन्हें यही बंगला — 5 देशरत्न मार्ग — आवंटित किया गया।

इस तरह बिहार की राजनीति में वर्षों से बनी धारणा टूट गई और यह बंगला सम्राट चौधरी के लिए शुभ साबित हुआ।

🔹 बंगले को लेकर पत्रकारों के सवाल पर सम्राट चौधरी का विनम्र जवाब

जब मीडिया ने बंगले की ‘लकी- अनलकी’ चर्चा पर सवाल पूछा तो सम्राट चौधरी ने बेहद सरल शब्दों में कहा —

“हम बस एक कार्यकर्ता हैं। हमें दोबारा डिप्टी सीएम बनना है या नहीं — इसका निर्णय पार्टी लेती है। हम वही करेंगे जो पार्टी कहेगी।”

उनके इस जवाब ने एक बार फिर उनके सरल स्वभाव, अनुशासन और संगठन के प्रति समर्पण को दर्शाया।

🔹 5 देशरत्न मार्ग — अब बना जनता से सीधे जुड़ाव का केंद्र

बंगले में प्रवेश के बाद से यहां लगातार चहल-पहल बनी रहती है।
सूत्रों के अनुसार —
▪ पूरे बिहार से कार्यकर्ता और लोग मुलाकात के लिए पहुंच रहे हैं
▪ सम्राट चौधरी को लगातार बधाई देने वालों की कतार लगी रहती है
▪ बंगला अब “भेंट-गाठ एवं जनसंपर्क केंद्र” के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है

कार्यकर्ताओं का कहना है कि सम्राट चौधरी के आने से बंगले की तरह पार्टी में भी सकारात्मक ऊर्जा और नई गति आई है।

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