जमुई: पीपल के पत्ते पर एनडीए नेताओं की अनोखी कलाकृति, शिक्षक दुष्यंत कुमार फिर सुर्खियों में

जमुई के कला शिक्षक और लीफ आर्टिस्ट दुष्यंत कुमार एक बार फिर सुर्खियों में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर पीपल के पत्ते पर बनाई गई अपनी अनोखी कलाकृति के बाद अब उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की प्रचंड जीत पर विशेष कलाकृति तैयार की है। यह कलाकृति इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।


पीपल के पत्ते पर एनडीए के पांच नेताओं की तस्वीर

दुष्यंत कुमार ने पीपल के नाजुक पत्ते पर एनडीए के पांच प्रमुख नेताओं—

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
  • एलजेपी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान
  • हम पार्टी के संरक्षक जीतनराम मांझी
  • आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा

की अद्भुत कलाकृति उकेरी है।

कलाकार ने इस कलाकृति को एनडीए की विजय को समर्पित किया है। दुष्यंत कहते हैं कि ये पांच नेता ‘पांडव’ की तरह एकजुट होकर बिहार के विकास को आगे बढ़ाएं, रोजगार और उद्योग स्थापित करें, ताकि मजदूरों को पलायन न करना पड़े और युवाओं को बेहतर शिक्षा व रोजगार मिल सके।


स्कूल में आर्ट टीचर, घर पर बच्चों को देते हैं निःशुल्क प्रशिक्षण

बिठलपुर गांव निवासी दुष्यंत कुमार लछुआड़ स्थित झारो सिंह–पलो सिंह सरकारी स्कूल में ‘आर्ट शिक्षक’ हैं।
स्कूल के साथ-साथ वे अपने घर पर भी बच्चों को मुफ्त में कला की शिक्षा देते हैं।

उनकी लीफ आर्ट की बारीकी पहले भी देशभर में चर्चा बटोर चुकी है। पीएम मोदी के जन्मदिन पर बनाई गई तीन मुद्रा वाली उनकी कलाकृति को सोशल मीडिया पर खूब सराहा गया था।


“पीपल का पत्ता बहुत नाज़ुक होता है”—दुष्यंत कुमार

दुष्यंत बताते हैं—
“पीपल के नाजुक पत्ते पर कला बनाना आसान नहीं है। एक छोटी सी गलती पूरी मेहनत खराब कर सकती है। एक पत्ते पर कलाकृति बनाने में डेढ़ से दो घंटे या उससे ज़्यादा समय भी लग जाता है। सर्जिकल ब्लेड से बेहद बारीकी के साथ कटिंग करनी पड़ती है। मैं पिछले 5–6 सालों से यह कला कर रहा हूं और चाहता हूं कि इसे अधिक लोग सीखें, ताकि यह आगे बढ़ती रहे।”


बिहार चुनाव 2025: एनडीए की ऐतिहासिक जीत

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को भारी बहुमत मिला है—

  • बीजेपी: 89 सीट
  • जेडीयू: 85 सीट
  • एलजेपीआर: 19 सीट
  • हम: 5 सीट
  • आरएलएम: 4 सीट

243 में से 202 सीटें जीतकर एनडीए ने रिकॉर्ड बहुमत हासिल किया। इन्हीं ‘पांच पांडवों’ की जीत को दुष्यंत ने अपनी कला में उतारा है।


 

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