आदर्श आचार संहिता हटते ही भागलपुर में लंबे समय से धीमे पड़े विकास कार्यों को गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। सोमवार को समीक्षा भवन सभागार में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
आचार संहिता के कारण रुक गए थे कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट
जिलाधिकारी ने बैठक के बाद बताया कि चुनावी आचार संहिता के प्रभाव में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और निर्माण परियोजनाओं की गति प्रभावित हुई थी। सड़क, पेयजल, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित कई विभागों में फाइलें प्रक्रिया में अटकी हुई थीं।
अब आचार संहिता समाप्त होने के बाद जिलाधिकारी ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने लंबित कार्यों में तेजी लाएँ और तय समयसीमा के भीतर निष्पादन पूरा करें।
बहुत कम फाइलें पेंडिंग, सभी विभागों को समयबद्ध लक्ष्य
डीएम डॉ. चौधरी ने बताया कि जिले में पेंडिंग फाइलों की संख्या बहुत कम है और जो भी लंबित मामले हैं, उन्हें शीघ्र निपटाने के लिए लक्ष्य तय कर दिया गया है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी विकास कार्य में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
साथ ही उन्होंने सभी विभागीय प्रमुखों से प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया है।
प्रशासनिक सक्रियता बढ़ी, विकास कार्यों में आएगी तेजी
समीक्षा बैठक के बाद यह संकेत मिल रहा है कि अब जिले में ठप पड़े विकास कार्यों में तेजी आएगी। कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ, जिनका कार्य आचार संहिता के चलते रोक दिया गया था, अब फिर से शुरू होंगी।
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में विकास की गति को प्राथमिकता दी जाएगी और जनता से जुड़े कार्यों में तेजी लाने पर फोकस रहेगा।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी का बयान
“आचार संहिता हटने के बाद सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि लंबित फाइलों और योजनाओं को तेजी से पूरा करें। जिले में बहुत कम मामले पेंडिंग हैं, और इन्हें जल्द निपटाने का लक्ष्य दिया गया है।”


