भागलपुर :
जिले में सरकारी बकाया वसूली को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन)-सह-नीलामपत्र पदाधिकारी श्री कुन्दन कुमार ने मंगलवार को छह बकायेदारों के खिलाफ बॉडी वारंट जारी किया है। ये सभी मामले यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, मुख्य शाखा खलिफाबाग द्वारा दायर किए गए थे, जो बिहार एवं उड़ीसा सार्वजनिक मांग वसूली अधिनियम, 1914 के तहत लंबित थे।
किन-किन बकायेदारों पर लिया गया एक्शन?
नीलामपत्र पदाधिकारी के न्यायालय में बैंक द्वारा प्रस्तुत किए गए केसों में कई वर्षों से बकाया राशि लंबित थी। विस्तृत जानकारी इस प्रकार है—
1️⃣ श्री प्रकाश मंडल
- पिता : दाहू मंडल
- पता : दामोदरपुर (मकन्दपुर), थाना–नाथनगर, भागलपुर
- बकाया राशि : ₹1,53,088
- केस संख्या : 123/2024-25
2️⃣ श्री नंदन कुमार सिंह
- पिता : सुरेंद्र मंडल
- पता : सरिया, थाना–गोराडीह, भागलपुर
- बकाया राशि : ₹1,56,897
- केस संख्या : 85/2019-20
3️⃣ श्री जुलफक्कर
- पिता : मजहर
- पता : बनियाडीह, थाना–सन्हौला, भागलपुर
- बकाया राशि : ₹1,55,014
- केस संख्या : 86/2019-20
4️⃣ श्री बाबन यादव
- पिता : नंदलाल यादव
- पता : एस.के. तरफदार रोड, कोयलाघाट, थाना–आदमपुर
- बकाया राशि : ₹1,23,993
- केस संख्या : 120/2024-25
5️⃣ श्री विलास यादव
- पिता : स्व. हरि यादव
- पता : मीरनगर, थाना–रजौन, जिला–बांका
- बकाया राशि : ₹1,25,366
- केस संख्या : 81/2019-20
6️⃣ श्री चंदन कुमार जयसवाल
- पिता : मुनेशचंद्र जयसवाल
- पता : राघोपुर, थाना–परबत्ता
- बकाया राशि : ₹1,66,282
- केस संख्या : 80/2019-20
अदालत के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई
सभी प्रकरणों की सुनवाई पूरी करने के बाद 17 नवंबर 2025 को बॉडी वारंट जारी किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि प्रशासन बकाया राशि की वसूली में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतना चाहता।
नीलामपत्र पदाधिकारी ने कहा कि—
- बार-बार नोटिस देने के बावजूद कई बकायेदारों ने राशि जमा नहीं की
- बैंक की ओर से वर्षों से लंबित मामलों को देखते हुए कठोर कदम उठाया गया
- बॉडी वारंट जारी होने के बाद अब पुलिस की मदद से वसूली प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा
प्रशासन ने कहा—बकाया भुगतान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि—
- सार्वजनिक मांग की वसूली प्राथमिकता में है
- सरकार या बैंकों का बकाया रोकने वालों पर कार्रवाई तेज होगी
- लंबित राशि के भुगतान में देरी करने वालों पर कानूनी कार्रवाई तय है
यह कार्रवाई जिले में सरकारी वसूली की प्रक्रिया को तेज करने और बकायेदारों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


