पटना : बिहार विधानसभा चुनाव में मिली प्रचंड जीत के बाद नीतीश कुमार लगातार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। गुरुवार, 20 नवंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में विशाल और भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। राज्य भर में इस आयोजन को लेकर उत्साह चरम पर है।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11:30 बजे शुरू होगा। पीएम मोदी पटना एयरपोर्ट से सीधे हेलीकॉप्टर द्वारा गांधी मैदान के लिए रवाना होंगे।
“पहली बार इतने बड़े पैमाने पर शपथ ग्रहण समारोह” – बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि बिहार में ऐसा भव्य शपथ ग्रहण समारोह पहले कभी नहीं हुआ।
उन्होंने कहा—
“गांधी मैदान में शपथ ग्रहण पहले भी हुए हैं, लेकिन इस बार का माहौल बिल्कुल उत्सव जैसा है। यह बिहार की राजनीति का ऐतिहासिक क्षण होगा।”
2 से 3 लाख लोगों की उपस्थिति की तैयारी
जायसवाल ने बताया कि—
- प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी
- एनडीए की ऐतिहासिक जीत
- और नीतीश कुमार के 10वें शपथ ग्रहण
के कारण इस कार्यक्रम में 2 से 3 लाख लोगों के पहुँचने की संभावना है।
उन्होंने कहा—
“बिहार के मतदाताओं ने नीतीश कुमार के नेतृत्व और पीएम मोदी की गारंटी पर भरोसा जताया है। विकसित बिहार की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।”
एनडीए की शानदार जीत—महागठबंधन हुआ फेल
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया—
- 243 में से 202 सीटों पर कब्जा
- भाजपा और जदयू दोनों को भारी जन समर्थन
- महागठबंधन का प्रदर्शन बेहद खराब रहा, खाते में केवल 35 सीटें
इस जीत के साथ ही अगले 5 वर्षों तक बिहार में एनडीए की सरकार तय हो गई है।
गांधी मैदान में तैयारियाँ पूरी—सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
गांधी मैदान में—
- मंच निर्माण
- वीआईपी बैठने की व्यवस्था
- आम जनता के प्रवेश मार्ग
- सुरक्षा घेरा
- पार्किंग प्रबंधन
सब अंतिम चरण में है। जिले के प्रशासन, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी क्षमता के साथ जुटी हुई हैं।
पीएम मोदी और अन्य वीआईपी की सुरक्षा के लिए SPG, NDRF और राज्य पुलिस की टीमें तैनात रहेंगी।
नीतीश कुमार के लिए नया अध्याय—अनुभव का रिकॉर्ड
नीतीश कुमार मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में देश के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो चुके हैं जिन्होंने—
- एक दशक से अधिक समय तक राज्य की सत्ता संभाली
- कई राजनीतिक मोड़ और गठबंधन का नेतृत्व किया
- विकास और स्थिर शासन मॉडल स्थापित किया
उनका 10वां शपथ ग्रहण उनके राजनीतिक करियर का ऐतिहासिक अध्याय माना जा रहा है।
राजधानी पटना में इस समय पूरे राजनीतिक माहौल का केंद्र केवल एक ही घटना है—
20 नवंबर को नीतीश कुमार का ऐतिहासिक शपथ ग्रहण।


