भागलपुर, 19 नवंबर 2025 :
समाहरणालय भागलपुर में बुधवार को समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में 18 नवंबर को विभिन्न प्रखंडों में किए गए वरीय पदाधिकारियों के निरीक्षण प्रतिवेदनों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस समीक्षा के दौरान कई प्रखंडों में कार्यों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश जारी किए।
कई प्रखंडों में अलग-अलग वरीय पदाधिकारियों ने किया था निरीक्षण
DM के आदेश पर जिले के हर प्रखंड का निरीक्षण अलग-अलग वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया था। निरीक्षण का उद्देश्य था—
- सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की वास्तविक स्थिति जानना
- मूलभूत सेवाओं की गुणवत्ता
- कार्यालयों में पारदर्शिता
- नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा करना
निरीक्षण करने वाले अधिकारी और उनके प्रखंड—
- इस्माइलपुर प्रखंड : वरीय उप समाहर्ता सुश्री अंकिता रंजन
- बिहपुर प्रखंड : वरीय उप समाहर्ता श्रीमती मीनाक्षी
- गोपालपुर प्रखंड : जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री विकास कुमार
- सुल्तानगंज एवं शाहकुंड : भूमि सुधार उप समाहर्ता, सदर
- सन्हौला प्रखंड : अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव
- गोराडीह प्रखंड : अपर समाहर्ता, राजस्व
- जगदीशपुर प्रखंड : जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी श्री सुधीर कुमार
- रंगरा चौक प्रखंड : अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन
किन-किन बिंदुओं की हुई जांच?
निरीक्षण के दौरान अधिकारी ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण सेवाओं और अभिलेखों की जांच की—
- आगत एवं निर्गत पंजी
- रोकड़ बही
- पीएम आवास ग्रामीण योजना
- सीएम आवास योजना
- दाखिल-खारिज परिमार्जन
- ई–मापी
- CPGRAMS
- ई-डेक्स बोर्ड
- आधार तथा RPS केंद्र
- पंचायत सरकार भवन
- आंगनबाड़ी केंद्र
- स्वास्थ्य केंद्र
- प्रखंड कृषि कार्यालय आदि
जहाँ भी कमियाँ पाई गईं, अधिकारियों ने उन्हें जिलाधिकारी के सामने रखा।
DM ने कड़े निर्देश दिए—अनियमितताओं को तुरंत दुरुस्त किया जाए
जिलाधिकारी डॉ. चौधरी ने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया—
1. नगर निकायों का निरीक्षण शनिवार से सोमवार तक करें
सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के नगर निकायों का निरीक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
2. निर्माण कार्य की बाहरी जांच अनिवार्य
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि—
“जहाँ भी भवन या किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य हो रहा है, उसकी जांच संबंधित विभाग से अलग विभाग के अभियंता द्वारा की जाए।”
3. शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस
DM ने कहा—
- विद्यालयों में साफ-सफाई
- शौचालय की स्थिति
- शिक्षकों की उपस्थिति
- लाइब्रेरी
- शिक्षा की गुणवत्ता
की व्यापक जांच की जाए।
विद्यालयों की आधारभूत संरचना गुणवत्ता की जांच प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी करेंगे।
4. पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी की भी जांच
मार्केटिंग ऑफिसर को निर्देशित किया गया कि सभी पेट्रोल पंप और गैस वितरण केंद्रों की गुणवत्ता और सेवा का निरीक्षण किया जाए।
दाखिल-खारिज में मनमानी पर एक्शन – 10 मामलों की रिपोर्ट मांगी
जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता को स्पष्ट चेतावनी दी कि—
“जो कर्मचारी बार-बार दाखिल-खारिज आवेदन को अनुचित आपत्तियों के साथ लौटा रहे हैं, ऐसे कर्मचारियों को तुरंत चिन्हित करें।”
हर अंचल से कम से कम 10 ऐसे मामले चिन्हित करने का आदेश दिया गया।
थाना दिवस पर संयुक्त निरीक्षण – गंभीर मामलों का तुरंत निष्पादन
DM ने निर्देश दिया कि—
- अनुमंडल पदाधिकारी
- अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी
थाना दिवस के अवसर पर संयुक्त रूप से अंचल का निरीक्षण करें और गंभीर मामलों का तत्काल निष्पादन सुनिश्चित करें।
रंगरा चौक प्रखंड के क्षतिग्रस्त मार्ग पर कार्रवाई
रंगरा चौक प्रखंड मुख्यालय के क्षतिग्रस्त पहुँच पथ पर लापरवाही मिलने पर—
- RWD के कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण
- कनिष्ठ एवं सहायक अभियंता का वेतन स्थगित
किया गया है।
समन्वय बैठक अनिवार्य—DM ने पदाधिकारियों को चेताया
जिलाधिकारी ने कहा—
- सभी प्रखंडों में प्रतिमाह समन्वय बैठक अनिवार्य रूप से की जाए
- अंचलाधिकारी विधि-व्यवस्था और माइनिंग मामलों को प्राथमिकता से देखें
- जिला स्तरीय अधिकारी अपने विभागीय स्टाफ पर नियंत्रण सुनिश्चित करें
उन्होंने साफ चेतावनी दी—
“आज की बैठक आपको दर्पण दिखाने के लिए है कि प्रखंडों में आपके विभाग के अधिकारी किस स्तर का कार्य कर रहे हैं।”
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में निम्न अधिकारी उपस्थित रहे—
- उप विकास आयुक्त श्री प्रदीप कुमार सिंह
- नगर आयुक्त श्री शुभम कुमार
- संयुक्त निदेशक जनसंपर्क श्री नागेंद्र कुमार गुप्ता
- सभी संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी
जिलाधिकारी की यह समीक्षा बैठक ज़िला प्रशासन की सक्रियता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


