पटना : बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक चर्चाएँ तेजी से बढ़ रही हैं। एनडीए की अंदरूनी बैठकों में मंत्री पदों के बंटवारे को लेकर गहमागहमी जारी है। सबसे बड़ा सवाल है—उपमुख्यमंत्री पद किसे मिलेगा?
भाजपा और जेडीयू दोनों खेमों में कई नामों पर चर्चा चल रही है, लेकिन अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व की सहमति और राज्य भाजपा के शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली विस्तृत बातचीत के बाद ही तय होगा। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में भी इस मुद्दे पर लगातार संपर्क और विचार-विमर्श जारी है।
शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियाँ तेज़
20 नवंबर को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को लेकर पटना का गांधी मैदान तैयारियों का केंद्र बना हुआ है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने कार्यक्रम को लेकर व्यापक प्लान तैयार किया है।
अधिकारियों के मुताबिक—
- वीवीआईपी मूवमेंट के लिए अलग रूट प्लान बनाया गया है
- सुरक्षा व्यवस्था को तीन स्तरों में विभाजित किया गया है
- मैदान में दर्शकों की सुविधाओं, प्रवेश-निकास द्वारों और आपातकालीन सेवाओं की भी विशेष व्यवस्था की गई है
गांधी मैदान को इस बार भव्य रूप देने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। मंच निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है, वहीं मीडिया कवरेज के लिए विशेष प्लेटफॉर्म और टेक्निकल सेटअप तैयार किया जा रहा है।
देशभर के बड़े नेताओं के पहुँचने की संभावना
सूत्र बताते हैं कि शपथ ग्रहण के दौरान देश के कई वरिष्ठ राजनेता, केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति संभव है। इसे देखते हुए प्रशासन प्रोटोकॉल व्यवस्था पर खास नज़र रख रहा है।
बिहार की नई राजनीतिक तस्वीर कैसी होगी—यह मंत्रिपरिषद का स्वरूप तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल सबकी निगाहें भाजपा-जेडीयू के बीच चल रही वार्ताओं और उपमुख्यमंत्री पद के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।
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