पटना: बिहार की सियासत में हालिया घटनाक्रम के बाद तेजस्वी यादव के करीबी माने जाने वाले रमीज नेमत एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। पूर्व सपा सांसद के दमाद और राजद कैंप से जुड़े रमीज का नाम चुनावी हार के बाद लालू परिवार में छिड़े घमासान के बीच तेजी से उभरकर सामने आया है। अब रमीज की पुरानी आपराधिक फाइलें भी फिर से खुलने लगी हैं।
यूपी पुलिस ने खंगाली पुरानी फाइलें, डीजीपी दफ़्तर ने तलब की रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार कौशाम्बी जिले में यूपी पुलिस ने अचानक रमीज नेमत की क्रिमिनल हिस्ट्री की गहराई से जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि राज्य के डीजीपी कार्यालय ने कोखराज थाना से दर्ज सभी मामलों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
कोखराज थाना में रमीज के खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें सबसे गंभीर मामला हत्या का है। आरोप है कि प्रतापगढ़ के जेठवारा के एक प्रॉपर्टी डीलर शकील की 25 लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में रमीज ने हत्या कर दी थी और शव को रोही बाईपास के पास सड़क किनारे फेंक दिया था।
बिहार चुनाव में अहम भूमिका, विवादित बयान और कैंपेनिंग के आरोप
सूत्रों के मुताबिक रमीज नेमत को बिहार विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान विशेष रणनीतिक टीम का हिस्सा बनाया गया था। आरोप है कि इसी कैंपेनिंग के दौरान उन्होंने राजद नेताओं के साथ मिलकर सनातन धर्म के खिलाफ नकारात्मक प्रचार किया था। इसके अलावा कुछ प्रमुख राजनीतिक नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियाँ करने के भी आरोप लगाए गए हैं।
इन घटनाओं ने सोशल मीडिया पर काफी विवाद पैदा किया था, जिसके बाद विपक्षी पार्टियों ने भी रमीज को निशाने पर लिया था।
रोहिणी आचार्य ने खोला मोर्चा, गंभीर आरोपों के बाद बढ़ी हलचल
चुनाव परिणाम आने के बाद लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सीधे रमीज नेमत और संजय यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि चुनाव में मिली हार के पीछे इनके द्वारा चलाई गई गलत रणनीति और विवादित कैंपेन जिम्मेदार थे।
रोहिणी ने यह भी दावा किया कि रमीज पर्दे के पीछे रहकर भाजपा और सनातन धर्म के खिलाफ हेट कैंपेन की पूरी योजना बनाते थे। उनके इन आरोपों के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई थी, जिससे रमीज का नाम और ज्यादा चर्चा में आ गया।
जांच आगे बढ़ने के संकेत, राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी
यूपी पुलिस की सक्रियता और डीजीपी कार्यालय के निर्देश के बाद यह साफ है कि रमीज नेमत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हालांकि अभी तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन जांच की दिशा को देखते हुए आने वाले दिनों में कई और खुलासे हो सकते हैं।


