रोहतास
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में रोहतास जिले की काराकाट विधानसभा सीट सबसे चर्चित सीटों में से एक साबित हुई। भोजपुरी स्टार पवन सिंह की पत्नी और निर्दलीय उम्मीदवार ज्योति सिंह भले ही चुनाव नहीं जीत पाईं, लेकिन उन्होंने काराकाट में सबसे ज़्यादा वोट पाने वाली निर्दलीय प्रत्याशी बनकर बड़ा राजनीतिक प्रभाव छोड़ा। उन्होंने महज 20 दिनों के प्रचार में 23,469 वोट हासिल किए और तीसरे स्थान पर रहीं।
23,469 वोट पाकर बनीं ‘काराकाट की टॉप निर्दलीय’, लोकप्रियता का दिखा असर
काराकाट में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा।
हालांकि ज्योति सिंह चुनाव नहीं जीत सकीं, लेकिन उनमें जनता का अपार विश्वास स्पष्ट दिखा।
ज्योति के प्रदर्शन की खास बातें—
- काराकाट में सबसे लोकप्रिय निर्दलीय उम्मीदवार बनीं
- केवल 20 दिनों की कैंपेनिंग में 23,469 वोट
- महिलाओं, युवाओं और पहली बार वोट करने वाले वर्ग से मिला अच्छा समर्थन
- उन्हें ‘काराकाट की बेटी’ कहकर बुला रहे समर्थक
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इतनी कम अवधि में इतने वोट लाना एक मजबूत जन–आधार का संकेत है।
राजनीति नहीं छोड़ूंगी — ज्योति सिंह ने किया बड़ा ऐलान
चुनाव नतीजों के बाद मीडिया से बात करते हुए ज्योति सिंह ने राजनीति छोड़ने की बात को सिरे से खारिज कर दिया।
उन्होंने स्पष्ट कहा—
“काराकाट की बेटी हूं… और बेटी बनकर जनता की सेवा करती रहूंगी। राजनीति छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता।”
उन्होंने कहा कि चुनाव हारना उनके लिए मायने नहीं रखता, क्योंकि जनता का प्यार और भरोसा ही उनकी असली जीत है।
“कोई स्टार प्रचारक नहीं था, फिर भी जनता ने मुझे अपनाया” — ज्योति सिंह
ज्योति ने माना कि संसाधनों की कमी और बड़े दलों के समर्थन के अभाव ने उनकी लड़ाई को कठिन बनाया।
उन्होंने कहा—
- उनके साथ कोई बड़ा नेता प्रचार करने नहीं आया
- अपने लोग भी अंत तक साथ नहीं खड़े रहे
- पूरी लड़ाई उन्होंने अकेले दम पर लड़ी
फिर भी, काराकाट की जनता ने उन्हें बेटी की तरह अपनाया और भारी समर्थन दिया।
ज्योति ने कहा—
“20 दिनों में जितना प्यार मिला, वह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। जनता की ऋणी रहूंगी।”
CPI-ML के अरुण सिंह ने जीती सीट, 50,000 से ज्यादा वोटों का अंतर
काराकाट सीट पर CPI(ML) के अरुण सिंह ने दमदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की।
- अरुण सिंह — 74,157 वोट
- महाबली सिंह (JDU) — दूसरा स्थान
- ज्योति सिंह — तीसरा स्थान, 23,469 वोट
अरुण सिंह ने ज्योति को 50,688 वोटों के बड़े अंतर से हराया, जिससे CPI(ML) की इलाके में मजबूत पकड़ साबित होती है।
जदयू उम्मीदवार महाबली सिंह की हार ने बढ़ाई पार्टी की चिंता
जदयू के वरिष्ठ नेता और नीतीश कुमार के करीबी महाबली सिंह इस सीट से चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन वे विजय से काफी दूर रहे।
ज्योति सिंह तीसरे स्थान पर होने के बावजूद जनसमर्थन के मामले में महाबली के लिए चुनौती बनकर उभरीं।
महाबली की हार जदयू के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।
काराकाट में ज्योति सिंह का राजनीतिक भविष्य उज्ज्वल?
चुनाव हारने के बावजूद ज्योति सिंह:
- पहले से अधिक लोकप्रिय हुईं
- मजबूत निर्दलीय चेहरा बनकर उभरीं
- युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत पकड़ बनाई
उनके “राजनीति जारी रखने” के बयान के बाद माना जा रहा है कि आने वाले चुनावों में वे एक बड़ा चेहरा बनकर उभर सकती हैं।


