सोनपुर मेले में बौना घोड़ा और घोड़ी बने आकर्षण का केंद्र, 24 इंच ‘बादल’ और 16 इंच ‘वर्षा रानी’ ने लूटा दर्शकों का दिल

सोनपुर

विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर पशु मेला इस बार एक अनोखे आकर्षण की वजह से सुर्खियों में है। मेले में मौजूद 24 इंच के बौने घोड़े ‘बादल’ और 16 इंच की घोड़ी ‘वर्षा रानी’ ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जैसे ही लोग इन दोनों को देखते हैं, उनकी क्यूटनेस और छोटे आकार से मोहित हो जाते हैं। इस बार मेले में सबसे ज्यादा चर्चा इसी जोड़ी की हो रही है।

24 इंच का ‘बादल’ और 16 इंच की ‘वर्षा रानी’ — मेले का सबसे बड़ा आकर्षण

मेले में सुबह से लेकर देर शाम तक इन दोनों बौने घोड़ों को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ती रहती है।
इनकी खासियतें—

  • बादल – 24 इंच ऊंचाई, उम्र 6 वर्ष
  • वर्षा रानी – 16 इंच ऊंचाई, उम्र 1 वर्ष
  • बेहद दुर्लभ नस्ल के
  • आकर्षक कद–काठी और बेहद छोटे आकार
  • मेले में अब तक के सबसे छोटे घोड़े

दर्शक इनके साथ फोटो खींचने और वीडियो बनाने के लिए लाइन में खड़े दिख रहे हैं। बच्चे, महिलाएं और युवा लगातार इन घोड़ों के साथ सेल्फी ले रहे हैं।

सहरसा के भटन भगत हैं मालिक, वर्षों से लाते रहे हैं खास नस्लें

इन बौने घोड़ों के मालिक भटन भगत, सहरसा जिले के रहने वाले हैं।
भटन भगत पिछले कई वर्षों से अलग-अलग नस्लों के घोड़े सोनपुर मेला में लेकर आते रहे हैं।

उन्होंने बताया—

“बादल और वर्षा रानी मेरे परिवार के सदस्य जैसे हैं। मैं इन्हें बेचने के लिए नहीं, सिर्फ प्रदर्शनी के लिए लाया हूँ ताकि लोग जान सकें कि बिहार में भी ऐसी दुर्लभ नस्लें होती हैं।”

उनकी बातों से साफ पता चलता है कि वे इन घोड़ों से कितना जुड़ाव रखते हैं।

मेले में बच्चों और परिवारों की भारी भीड़, जगह-जगह लाइव स्ट्रीमिंग

इन बौने घोड़ों को देखने के लिए मेले में जबर्दस्त भीड़ उमड़ रही है।
लोग लगातार—

  • फोटो क्लिक कर रहे
  • वीडियो शूट कर रहे
  • सोशल मीडिया पर लाइव जा रहे
  • बच्चों को घोड़े के पास ले जा रहे

बादल और वर्षा रानी से मिलने के लिए लोगों को कतार में भी लगना पड़ रहा है।

9 नवंबर को हुआ उद्घाटन, एक महीने चलेगा मेला

सोनपुर मेला का शुभारंभ 9 नवंबर 2025 को हुआ था।
यह मेला एक महीने तक चलेगा और देश–विदेश से हजारों पशु प्रेमी, खरीदार और पर्यटक यहां पहुंचते हैं।

सोनपुर मेला दुनिया के सबसे पुराने पशु मेलों में से एक है, जहाँ—

  • हाथी
  • घोड़े
  • ऊंट
  • गाय–भैंस
  • विदेशी नस्ल के जानवर

की प्रदर्शनी और खरीद-बिक्री होती है।

‘बादल’ और ‘वर्षा रानी’ ने बढ़ाई मेले की रौनक

हालांकि हर साल सोनपुर मेला कई आकर्षणों से भरा रहता है, लेकिन इस बार बौने घोड़ों की यह जोड़ी पूरे मेले पर भारी पड़ रही है।

मेले में पहुंचे लोग कह रहे हैं—

“इतने छोटे घोड़े हमने पहली बार देखे हैं, यह मेले को खास बना रहे हैं।”

इनकी उपस्थिति ने इस साल के सोनपुर मेले की रौनक और भी बढ़ा दी है।

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