रविवार, 16 नवंबर 2025
आज मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है, जो रात 4:36 बजे तक रहेगी। इसके बाद तिथि त्रयोदशी प्रारंभ होगी। रविवार का यह दिन धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ ग्रह-नक्षत्रों की दृष्टि से भी विशेष है। साथ ही आज विक्रमी मार्गशीर्ष संक्रांति तथा नेशनल प्रेस डे भी मनाया जा रहा है।
आज का कैलेंडर और पंचांग
- तिथि: कृष्ण पक्ष द्वादशी (रात 4:36 तक), तत्पश्चात त्रयोदशी
- वार: रविवार
- विक्रमी संवत्: 2082
- राष्ट्रीय शक संवत्: 1947
- हिजरी कैलेंडर: साल 1447, जमादि-उल-अव्वल, तारीख 24
- सूर्योदय: प्रातः 7:00 बजे (जालंधर समय)
- सूर्यास्त: सायं 5:25 बजे (जालंधर समय)
नक्षत्र और योग
- नक्षत्र:
- हस्त — मध्य रात्रि 2:11 बजे तक
- तत्पश्चात चित्रा नक्षत्र प्रारंभ
- योग:
- प्रीति योग — पूरे दिन और रात
- चंद्र स्थिति:
- पूरा दिन-रात कन्या राशि पर स्थित
दिशा व काल
- दिशा शूल: पश्चिम एवं नैऋत्य दिशा की यात्रा वर्जित
- राहुकाल: सायं 4:30 बजे से 6:00 बजे तक (रविवार के अनुसार)
आज का पर्व व विशेष दिवस
- विक्रमी मार्गशीर्ष संक्रांति
- आज दोपहर 1:36 बजे सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा।
- राष्ट्रीय प्रेस दिवस (National Press Day)
- देशभर में मीडिया की स्वतंत्रता, जिम्मेदारी और प्रेस की भूमिका को समर्पित दिन के रूप में मनाया जाता है।
आज ग्रहों की स्थिति
खगोलीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहों की स्थिति इस प्रकार है—
- सूर्य — तुला राशि में
- चंद्रमा — कन्या राशि में
- मंगल — वृश्चिक में
- बुध — वृश्चिक में
- गुरु (बृहस्पति) — कर्क में
- शुक्र — तुला में
- शनि — मीन में
- राहु — कुंभ में
- केतु — सिंह में
पंचांग का महत्व
हिन्दू पंचांग के अनुसार दिन की शुरुआत शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रहों की स्थिति और नक्षत्रों के आधार पर मानी जाती है। विशेष रूप से संक्रांति और रविवार का यह योग धार्मिक कार्यों, दान-पुण्य, पूजा-पाठ और नए कार्य शुरू करने के लिए शुभ माना गया है।


