पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के पीछे कई फैक्टर रहे, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार चिराग पासवान ने अपने ‘मोदी के हनुमान’ वाले बयान को सही साबित करते हुए गठबंधन को महत्वपूर्ण मजबूती दी। उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने कई अहम सीटों पर जोरदार प्रदर्शन किया और बड़ी संख्या में नए चेहरों ने विधानसभा में प्रवेश किया।
चिराग पासवान का करिश्मा, आक्रामक चुनावी रणनीति और युवाओं के बीच बढ़ती लोकप्रियता ने एलजेपी (रामविलास) के उम्मीदवारों को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आइए जानते हैं पार्टी से जीतकर आने वाले सभी विधायकों और उनकी जीत के पीछे के प्रमुख कारण।
बेबी कुमारी की ‘बोचा’ से धमाकेदार जीत — चुनाव की सबसे चर्चित जीतों में एक
बोचा सीट से बेबी कुमारी की जीत इस चुनाव की सबसे सुर्खियों में रहने वाली जीत रही।
- महिलाओं और युवतियों के बीच उनकी मजबूत पकड़
- स्थानीय समस्याओं पर लगातार सक्रियता
- और सहज राजनैतिक शैली
ने उन्हें निर्णायक बढ़त दिलाई। यह सीट चिराग पासवान के लिए भी प्रतिष्ठा का विषय मानी जा रही थी।
दरौली से विष्णु देव पासवान ने दिखाया दम
दरौली विधानसभा सीट पर विष्णु देव पासवान ने शानदार जीत दर्ज की।
- पासवान समुदाय का ठोस समर्थन
- बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की जबरदस्त सक्रियता
- और क्षेत्र में उनकी बढ़ती स्वीकार्यता
ने उनके पक्ष में माहौल बनाया। अंतिम राउंड में उन्होंने बड़ी बढ़त के साथ जीत पक्की की।
महुआ से संजय कुमार सिंह — विकास एजेंडा बना जीत की कुंजी
महुआ सीट पर संजय कुमार सिंह ने रोजगार, सड़क निर्माण, शिक्षा और स्थानीय विकास को मुख्य मुद्दा बनाया।
शुरुआती रुझानों में मुकाबला कड़ा दिखा, लेकिन बाद के राउंड में उन्होंने अंतर बढ़ाकर सुरक्षित जीत हासिल कर ली।
एलजेपी (रामविलास) के सभी विजेता विधायकों की पूरी लिस्ट
नीचे सभी सीटों की लिस्ट दी जा रही है, जहां चिराग पासवान की पार्टी ने जीत दर्ज की:
✔ बोचा – बेबी कुमारी
✔ दरौली – विष्णु देव पासवान
✔ महुआ – संजय कुमार सिंह
✔ बखरी – संजय कुमार
✔ परवत्ता – बाबूलाल शौर्य
✔ नाथनगर – मिथुन कुमार
✔ बख्तियारपुर – अरुण कुमार
✔ चेनारी – मुरारी प्रसाद गौतम
✔ देहरी – राजीव कुमार रंजन सिंह
✔ ओबरा – प्रकाश चंद्र
✔ शेरघाटी – उदय कुमार सिंह
✔ रजौली – विमल राजवंशी
✔ गोविंदपुर – विनीता मेहता
महिला और युवा वोटरों ने एलजेपी (रामविलास) को दिया बड़ा साथ
विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनाव में महिलाओं और युवा वोटरों की निर्णायक भूमिका रही।
- विनीता मेहता को युवा और महिला वोटों से मिला जबरदस्त समर्थन
- बेबी कुमारी की जीत महिलाओं के मुद्दों पर उनकी मजबूत छवि के कारण
- नए चेहरे जैसे मिथुन कुमार और विमल राजवंशी युवाओं में लोकप्रिय हुए
यह दर्शाता है कि चिराग पासवान ने युवा नेतृत्व और नए चेहरों को मौका देने की जो रणनीति अपनाई, वह सफल रही।
एनडीए को मिली मजबूत बढ़त में एलजेपी (रामविलास) की भूमिका अहम
एलजेपी (रामविलास) की सफलता ने एनडीए की जीत को और भी मजबूती दी है।
चिराग पासवान ने अपने प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास मॉडल को प्रमुखता दी और वोटरों तक गठबंधन की एकजुटता का संदेश पहुँचाया।
विधानसभा में प्रवेश करने वाले नए विधायकों से अब उम्मीदें हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में
- विकास
- रोजगार
- शिक्षा
- स्वास्थ्य
- और बुनियादी सुविधाओं
को लेकर जनता के भरोसे पर खरे उतरेंगे


