नई दिल्ली: आज 15 नवंबर 2025, शनिवार के दिन मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि है। यह तिथि आज देर रात 2:38 बजे तक रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
हिंदू धर्म में उत्पन्ना एकादशी का विशेष महत्व है और आज भक्त भगवान विष्णु की आराधना कर व्रत का पालन करेंगे।
जाने–आज का विस्तृत पंचांग, शुभ समय, ग्रहों की चाल और ज्योतिषीय प्रभाव।
आज का विस्तृत पंचांग – 15 नवंबर 2025
🔹 तिथि
- एकादशी तिथि – रात 2:38 बजे तक
- इसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ
🔹 पंचांग विवरण
- विक्रमी संवत्: 2082
- राष्ट्रीय शक संवत्: 1947
- कार्तिक मास: दिनांक 24
- हिजरी साल: 1447
- इस्लामी महीना: जमादि-उल-अव्वल
- तारीख: 23
🔹 सूर्योदय और सूर्यास्त (जालंधर समय)
- सूर्योदय: सुबह 6:59 बजे
- सूर्यास्त: शाम 5:27 बजे
नक्षत्र, योग और चंद्र ग्रहण
🔹 नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र – रात 11:35 बजे तक
- इसके बाद हस्त नक्षत्र प्रारंभ
🔹 योग
- विष्कुंभ योग – आज पूरे दिन व रात
- अगले दिन 16 नवंबर सुबह 6:46 बजे तक प्रभावी
🔹 चंद्रमा
- चंद्रमा आज पूरे दिन कन्या राशि में संचरण करेगा।
आज का दिशा शूल और राहुकाल
🔹 दिशा शूल
- आज पूर्व दिशा की यात्रा वर्जित
- ईशान दिशा की यात्रा से भी बचें
🔹 राहुकाल
- सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक
इस समय किसी भी शुभ, नया कार्य, खरीदारी या यात्रा की शुरुआत करने से परहेज करना चाहिए।
आज का पर्व और व्रत
🔹 उत्पन्ना एकादशी व्रत
आज का दिन विशेष धार्मिक महत्व से भरा है।
उत्पन्ना एकादशी भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।
व्रत रखने से—
- पापों का क्षय
- सौभाग्य में वृद्धि
- मन में शांति
- परिवार में सुख-समृद्धि
की प्राप्ति होती है।
भक्त आज दिनभर व्रत रखकर भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करेंगे।
आज की ग्रह स्थिति
| ग्रह | राशि |
|---|---|
| सूर्य | तुला |
| चन्द्रमा | कन्या |
| मंगल | वृश्चिक |
| बुध | वृश्चिक |
| गुरु | कर्क |
| शुक्र | तुला |
| शनि | मीन |
| राहु | कुंभ |
| केतु | सिंह |
ग्रहों की यह स्थिति करियर, स्वास्थ्य, धन और पारिवारिक जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालती है।
उत्पन्ना एकादशी के दिन सूर्य-शुक्र संयोजन और कन्या राशि में चंद्रमा का रहना आर्थिक लाभ और नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ संकेत देता है।


