पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने एक बार फिर राज्य की राजनीतिक तस्वीर बदलकर रख दी है।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 243 में से लगभग 200 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और प्रचंड बहुमत की सरकार बनाने की ओर बढ़ रहा है।
लगभग 90% स्ट्राइक रेट के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस चुनाव की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है।
निर्वाचन आयोग द्वारा शाम 6 बजे जारी आंकड़ों के अनुसार—
- NDA – 202 सीटों पर बढ़त/जीत
- महागठबंधन – 35 सीटों पर बढ़त/जीत
राज्य में एनडीए का यह प्रदर्शन पिछले दो चुनावों की तुलना में कहीं अधिक मजबूत माना जा रहा है।
बीजेपी का शानदार प्रदर्शन, बनी सबसे बड़ी पार्टी
इस चुनाव में भाजपा ने लगभग हर क्षेत्र में लाजवाब प्रदर्शन करते हुए राज्य में सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल कर लिया है।
बीजेपी के कई सीनियर नेता और मंत्री बड़ी जीत के साथ विजयी हुए हैं।
प्रमुख विजेताओं में शामिल—
◼ प्रेम कुमार – गया शहर से लगातार 9वीं जीत
राज्य के कृषि मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता प्रेम कुमार ने 1990 से अपनी जीत की परंपरा को जारी रखते हुए गया शहर सीट पर कांग्रेस के अखौरी ओंकार नाथ को 26,000 से अधिक वोटों से हराया।
◼ संजय सरावगी – दरभंगा से लगातार पाँचवीं जीत
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने दरभंगा सीट पर वीआईपी उम्मीदवार उमेश साहनी को 24,500 से अधिक मतों से हराकर अपनी सीट बचाए रखी।
◼ राणा रणधीर सिंह – मधुबन सीट पर जीत
पूर्व मंत्री और भाजपा नेता राणा रणधीर सिंह मधुबन से विजयी घोषित हुए हैं।
◼ राजू कुमार सिंह – दूसरी बार जीत
2020 में वीआईपी के टिकट पर चुनाव जीतने वाले और बाद में भाजपा में शामिल हुए पर्यटन मंत्री राजू कुमार सिंह ने इस बार भी अपनी सीट बरकरार रखी।
उन्होंने RJD के पृथ्वी नाथ राय को 13,000 से अधिक वोटों से हराया।
जेडीयू को मिला बड़ा फायदा, 84 से ज्यादा सीटों पर आगे
2020 में 43 सीटें जीतने वाली जेडीयू इस बार शानदार बढ़त में है।
लगभग 19% वोट शेयर के साथ पार्टी 84 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है, जो जेडीयू के लिए पिछले पांच वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
नीतीश कुमार का यह चुनावी प्रदर्शन एनडीए गठबंधन में जेडीयू की स्थिति को मजबूत करता है।
अनंत सिंह, दुलार चंद्र यादव हत्या मामले में जेल में बंद आनंद सिंह भी विजयी
मोकामा से जेडीयू नेता अनंत सिंह ने जीत दर्ज की है और एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ साबित की है।
इसी तरह चुनाव प्रचार के दौरान जन सुराज समर्थक दुलार चंद्र यादव की हत्या मामले में जेल में बंद आनंद सिंह ने राजद प्रत्याशी वीणा देवी को हराते हुए विजय हासिल की।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का भी शानदार प्रदर्शन
एलजेपी (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने भी गोविंदगंज से प्रभावशाली जीत हासिल की।
उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार शशि भूषण राय को 32,000 से अधिक मतों से हराया।
इसके अलावा, चिराग पासवान की पार्टी 19 सीटों पर आगे चल रही है।
चिराग पासवान ने खुद को प्रधानमंत्री मोदी का “हनुमान” बताकर चुनावी प्रचार में आक्रामक भूमिका निभाई थी, जिसका सकारात्मक असर पार्टी को मिला है।
महागठबंधन को बड़ा झटका
महागठबंधन केवल 35 सीटों पर सिमटा दिख रहा है।
राजद, कांग्रेस और वाम दलों को इस चुनाव में भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
कई दिग्गज नेता अपने-अपने क्षेत्रों में पीछे रहे
एनडीए की ओर से विजय उत्सव की तैयारियाँ तेज
बिहार के विभिन्न जिलों में एनडीए कार्यकर्ता अपनी जीत का जश्न मनाने में जुटे हुए हैं।
पटना, गया, मुजफ्फरपुर व भागलपुर में ढोल-नगाड़ों, पटाखों और मिठाई बांटने का दौर लगातार जारी है।
एनडीए नेताओं का कहना है कि यह परिणाम विकास, सुशासन और स्थिरता पर जनता के भरोसे की जीत है।


