भागलपुर: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) भागलपुर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की ओर से “मल्टीलिंगुअल नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग” विषय पर एक महत्वपूर्ण विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस सत्र को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मल्टीलिंगुअल NLP के प्रतिष्ठित शोधकर्ता श्री ऋषु कुमार ने संबोधित किया। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक प्रो. मधुसूदन सिंह की गरिमामय उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
AI और NLP पर गहन चर्चा, छात्रों में दिखा उत्साह
व्याख्यान के दौरान श्री ऋषु कुमार ने आधुनिक NLP मॉडल्स, मल्टीलिंगुअल सिस्टम्स, मशीन ट्रांसलेशन, सेंटिमेंट एनालिसिस जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस किस तरह मानव भाषाओं को समझने और संसाधित करने की दिशा में क्रांति ला रहा है।
उन्होंने छात्रों को वास्तविक जीवन में उपयोग होने वाले NLP आधारित टूल्स और एप्पलीकेशंस की गहरी समझ दी। लो-रिसोर्स भाषाओं से जुड़ी चुनौतियों—जैसे सीमित डाटा, भाषा विविधता और सांस्कृतिक संदर्भ—पर भी उन्होंने तकनीकी दृष्टिकोण साझा किया।

शिक्षा से जर्मनी तक का सफर — छात्रों को दी प्रेरणा
श्री ऋषु कुमार ने अपनी शैक्षणिक यात्रा साझा करते हुए बताया कि उन्होंने
- बी.टेक भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (BCE) से पूरा किया और
- मास्टर्स जर्मनी की प्रसिद्ध चार्ल्स तथा सारलैंड यूनिवर्सिटी से किया।
उनकी यात्रा और उपलब्धियाँ छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनीं। उन्होंने छात्रों से कहा कि तकनीक की दुनिया तेजी से बदल रही है और मल्टीलिंगुअल NLP भविष्य के सबसे महत्वपूर्ण शोध क्षेत्रों में से एक है। छात्रों ने व्याख्यान के बाद सवाल-जवाब सत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
निदेशक एवं संकाय सदस्यों की उपस्थिति से बढ़ा महत्व
कार्यक्रम का सफल संचालन आस्तिक दास और ज्योति सक्सेना द्वारा किया गया। सत्र में बड़ी संख्या में विद्यार्थी और फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने व्याख्यान की सराहना की।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्पन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम का समापन कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार बिस्वाल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसे विशेषज्ञ व्याख्यान छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं और उन्हें उद्योग तथा शोध की नवीनतम दिशा से जोड़ते हैं।


