पटना |
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दोनों चरणों की वोटिंग पूरी हो चुकी है। अब एग्जिट पोल्स के नतीजों से राजनीतिक तापमान बढ़ गया है।
ज्यादातर सर्वे में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है, लेकिन एक एग्जिट पोल ने सभी समीकरण पलट दिए हैं।
Journo Mirror Exit Poll के मुताबिक, इस बार महागठबंधन (Mahagathbandhan) भारी बहुमत से सत्ता में लौट सकता है।
🔹 Journo Mirror Exit Poll में महागठबंधन की बड़ी बढ़त
Journo Mirror के सर्वे के अनुसार —
- महागठबंधन: 130–140 सीटें
- एनडीए: 100–110 सीटें
जबकि बिहार विधानसभा में बहुमत का जादुई आंकड़ा 122 सीटों का है।
इस सर्वे के मुताबिक, तेजस्वी यादव (RJD) के नेतृत्व वाला गठबंधन सरकार बनाने की स्थिति में दिखाई दे रहा है।
🔹 बाकी एग्जिट पोल्स में NDA बना हुआ फेवरेट
हालांकि, ज्यादातर प्रमुख सर्वेक्षणों में तस्वीर इसके बिल्कुल उलट है।
NDA गठबंधन को बढ़त और महागठबंधन को पिछड़ता हुआ बताया गया है।
| एजेंसी | महागठबंधन की अनुमानित सीटें |
|---|---|
| DV Research | 83–98 |
| P-Marq | 80–98 |
| Matrize–IANS | 70–90 |
| Peoples Insight | 87–102 |
| JVC | 88–103 |
| Peoples Pulse | 75–101 |
| Chanakya | 100–108 |
| Poll Diary | 32–49 |
| Praja Poll Analytics | 50 |
| TIF Research | 76–95 |
| Polstrat | 87–102 |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि अधिकांश एग्जिट पोल्स एनडीए की वापसी के संकेत दे रहे हैं, जबकि केवल Journo Mirror Poll महागठबंधन को स्पष्ट बहुमत दे रहा है।
महागठबंधन का दावा – “इस बार बदलाव तय है”
महागठबंधन (MGB) में शामिल हैं —
राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस (INC), वीआईपी पार्टी, लेफ्ट दल (CPI, CPI-ML, CPM) और IIP पार्टी।
इस गठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा, जबकि मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत किया था।
महागठबंधन का कहना है —
“बिहार की जनता इस बार बदलाव चाहती है। बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनादेश मिलेगा।”
🔹 NDA का दावा – विकास और भरोसे की जीत
वहीं एनडीए खेमे में शामिल जेडीयू (JD(U)), बीजेपी (BJP), हम (HAM), आरएलएम (RLM) और एलजेपी (रामविलास) नेताओं ने दावा किया है कि
नीतीश कुमार की विकास नीतियां और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता जनता का विश्वास फिर से जीतने में कामयाब हुई हैं।
बीजेपी नेताओं का कहना है —
“बिहार ने इस बार जाति नहीं, विकास पर वोट किया है। जनता ने नीतीश- मोदी के नेतृत्व को फिर चुना है।”
दोनों चरणों में रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग
बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए दो चरणों में मतदान हुआ —
- 🗓️ पहला चरण (6 नवंबर): 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान, 65.08% वोटिंग
- 🗓️ दूसरा चरण (11 नवंबर): 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान, 68.80% वोटिंग
कुल मिलाकर औसत मतदान प्रतिशत 66.9% रहा, जो 2020 के मुकाबले लगभग 9% अधिक है।
महिलाओं और युवाओं की भागीदारी ने इस बार के चुनाव को खास बना दिया।
राजनीतिक समीकरण उलझे, suspense बरकरार
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार एग्जिट पोल्स में भारी असमानता दिख रही है।
जहां कुछ एजेंसियां एनडीए को 160 सीटों तक दे रही हैं, वहीं Journo Mirror जैसे सर्वे महागठबंधन को निर्णायक बहुमत देते हैं।
“यह बिहार के मतदाताओं की विविधता को दिखाता है — नतीजे 14 नवंबर को ही तय करेंगे कि असली हवा किस ओर बह रही है।”
— राजनीतिक विश्लेषक डॉ. अरुण मिश्र
14 नवंबर को खुलेगा नतीजों का पिटारा
अब सबकी निगाहें 14 नवंबर 2025 पर टिकी हैं, जब
चुनाव आयोग (Election Commission of India) मतगणना शुरू करेगा।
इसी दिन तय होगा कि क्या
नीतीश कुमार अपनी सत्ता बचा पाएंगे
या तेजस्वी यादव का “बदलाव” का नारा हकीकत बनेगा।
एग्जिट पोल अंतिम सच नहीं
इतिहास गवाह है कि एग्जिट पोल्स कई बार गलत साबित हुए हैं।
2020 में भी कई सर्वेक्षणों ने एनडीए की हार दिखाई थी, लेकिन नतीजे उलट निकले।
इसलिए राजनीतिक दलों के लिए 14 नवंबर की सुबह सबसे अहम होने वाली है
📍 रिपोर्ट: पटना ब्यूरो | संपादन: कुमार आदित्य


