पटना
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दोनों चरणों में मतदान संपन्न हो चुका है। अब सभी की नजरें 14 नवंबर को आने वाले चुनाव परिणामों (Bihar Election Results 2025) पर टिकी हैं।
इस बीच, Matrize–IANS Exit Poll ने बिहार की सियासत में नई हलचल मचा दी है। सर्वे के मुताबिक, एनडीए (NDA) एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी कर सकती है।
🔹 एनडीए को 147 से 167 सीटें मिलने का अनुमान
एग्जिट पोल के शुरुआती नतीजों के अनुसार, बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से एनडीए को 147–167 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।
अगर यह आंकड़ा सही बैठता है तो एनडीए दोबारा सरकार बनाने की स्थिति में है।
एनडीए के घटक दलों का अनुमानित प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
- भारतीय जनता पार्टी (BJP): 65–73 सीटें
- जनता दल (यूनाइटेड) (JDU): 67–75 सीटें
- लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) [LJP-(R)]: 7–9 सीटें
- हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम): 4–5 सीटें
- राष्ट्रीय लोक मंच (RLM): 1–2 सीटें
🔹 महागठबंधन को 70 से 90 सीटों का अनुमान
दूसरी ओर, महागठबंधन (Mahagathbandhan) को इस बार 70–90 सीटों के बीच सीमित बताया गया है।
एग्जिट पोल के मुताबिक —
- राष्ट्रीय जनता दल (RJD): 53–58 सीटें
- कांग्रेस (INC): 10–12 सीटें
- वीआईपी पार्टी: 1–4 सीटें
- वाम दल (Left Parties): 9–14 सीटें
यह अनुमान बताता है कि महागठबंधन पिछली बार के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन कर सकता है, जबकि एनडीए को महिलाओं और ग्रामीण वोट बैंक से भारी लाभ मिला है।
बहुमत का जादुई आंकड़ा — 122 सीटें
बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों में से 122 सीटें बहुमत के लिए जरूरी हैं।
एग्जिट पोल के अनुमान के मुताबिक एनडीए को 147 से 167 सीटें मिल सकती हैं — यानी यह आंकड़ा सरकार बनाने के लिए काफी मजबूत है।
मतदान के दोनों चरणों में रहा उत्साह
- पहला चरण (6 नवंबर) — 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान हुआ।
कुल मतदान प्रतिशत: 65.08% - दूसरा चरण (11 नवंबर) — 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ।
कुल मतदान प्रतिशत: 68.42%
चुनाव आयोग के अनुसार, दोनों चरणों का औसत मतदान 66.90% रहा, जो 2020 के विधानसभा चुनाव की तुलना में लगभग 9.6% अधिक है।
राजनीतिक हलचल तेज — हर दल ने किया दावा
एग्जिट पोल आने के बाद बिहार की सियासत में जबरदस्त हलचल देखी जा रही है।
- जेडीयू नेता कह रहे हैं — “बिहार ने विकास पर वोट किया है, जाति पर नहीं।”
- बीजेपी ने दावा किया — “नीतीश–मोदी की जोड़ी ने एक बार फिर जनता का विश्वास जीता है।”
- वहीं आरजेडी प्रवक्ताओं का कहना है — “जनता बदलाव चाहती है, एग्जिट पोल हकीकत नहीं दिखाते।”
एग्जिट पोल अंतिम परिणाम नहीं
विशेषज्ञों ने साफ किया है कि एग्जिट पोल केवल रुझान होते हैं, अंतिम परिणाम अक्सर इनसे अलग निकलते हैं।
2020 के चुनाव में भी कई सर्वेक्षण गलत साबित हुए थे।
इसलिए 14 नवंबर को आने वाले नतीजे ही तय करेंगे कि बिहार की सत्ता पर कौन काबिज होगा — एनडीए या महागठबंधन।
काउंटडाउन शुरू — 14 नवंबर को तय होगा बिहार का भविष्य
243 सीटों की मतगणना 14 नवंबर सुबह 8 बजे से शुरू होगी।
राज्य भर के चुनाव परिणाम तय करेंगे कि नीतीश कुमार की सत्ता बरकरार रहेगी या तेजस्वी यादव को मिलेगा मौका।
📍 रिपोर्ट: पटना ब्यूरो | संपादन: कुमार आदित्य


