बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले पटना में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने संवाददाता सम्मेलन कर एनडीए पर हमला बोला और जनता से इंडिया महागठबंधन के पक्ष में मतदान की अपील की।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सैय्यद नासिर हुसैन ने कहा कि इस बार चुनाव प्रचार दो विपरीत दिशाओं में दिखाई दिया—जहाँ एनडीए ने 20 साल के शासन के बावजूद नकारात्मकता को हथियार बनाया, वहीं महागठबंधन ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और महिलाओं की सुरक्षा जैसे सकारात्मक मुद्दों को केंद्र में रखा।
“हमारे नेता मुद्दों पर टिके रहे, एनडीए ने भाषा की मर्यादा तोड़ी” – कांग्रेस
नासिर हुसैन ने कहा कि महागठबंधन ने पूरे चुनाव में जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दे उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि 20 साल से सत्ता में रहने वाली नीतीश–भाजपा सरकार अपने कामकाज का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने नहीं रख सकी।
उन्होंने कहा—
“स्थिति ऐसे रही जैसे कोई बच्चा परीक्षा में फेल हो जाए और रिपोर्ट कार्ड दिखाने के बजाय स्कूल–शिक्षक को दोष दे। प्रधानमंत्री से लेकर स्थानीय नेताओं तक कट्टा, घुसपैठिया, हरामखोर जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया। बिहार को विकास चाहिए, न कि नफरत की राजनीति।”
“बिहार से सबसे ज्यादा पलायन होता है, मजदूर शोषण झेलते हैं”
डॉ. हुसैन ने कहा कि बिहार के लोग सबसे अधिक पलायन का दर्द झेलते हैं, पर सरकार इस पर मौन है।
उन्होंने कहा कि बिहार के मजदूर बाहर जाकर हिंसा, शोषण और दोयम दर्जे का व्यवहार सहने को मजबूर हैं।
संविदा कर्मियों को नियमित करने, रिक्तियों को भरने और युवाओं को रोजगार देने के सवाल पर सत्ता पक्ष पर वे बोले—
“जब हमने नौकरियाँ देने की बात की तो इनके नेताओं ने निराशा में कहा कि ईश्वर भी रिक्तियाँ नहीं भर सकते। यह जनता के साथ अन्याय है।”
उन्होंने कहा कि बिहार लैंड-लॉक राज्य है, यह बहाना बनाकर विकास में पिछड़ने का रोना सरकार 20 साल से रो रही है।
“बिहार हमें 5 साल दे, हम सारे वादे पूरा करेंगे” – नासिर हुसैन
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि महागठबंधन की सरकार बनने पर पाँच साल में हर वादा अक्षरशः पूरा होगा।
उन्होंने एनडीए पर तंज करते हुए कहा—
“घुसपैठियों पर इनकी नजर पाँच साल में एक बार जाती है, जबकि बिहार में दो बड़े घुसपैठिए आए हुए हैं जो गुजरात के घुसपैठियों को ठेके दिलाने में लगे हैं।”
“महागठबंधन की योजनाएं जनहित से जुड़ी हैं” – डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह
राज्यसभा सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि महागठबंधन की योजनाएं पूरी तरह जनहित पर आधारित हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही—
- अस्पताल व्यवस्था सुधारी जाएगी
- पुरानी पेंशन स्कीम लागू होगी
- बिजली बिल में राहत मिलेगी
- सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार होगा
- रोजगार और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी जाएगी
उन्होंने कहा कि महागठबंधन ने सकारात्मक कैंपेन चलाया जबकि एनडीए ने 20 साल की नाकामियों को छिपाने के लिए पुरानी बातों का सहारा लिया।
“20 साल NDA के देख लिए, अब जनता हमें 5 साल दे”
अखिलेश सिंह ने वादा किया कि उनकी सरकार—
- बेरोजगारी खत्म करेगी
- हर परिवार को सरकारी नौकरी देगी
- 200 यूनिट तक बिजली फ्री करेगी
- 500 रुपये में गैस सिलेंडर देगी
- महिलाओं को ₹2500 मासिक देगी
- दिव्यांगों और वृद्धों को मासिक पेंशन देगी
- पत्रकारों के लिए होस्टल और मुफ्त इलाज की सुविधा देगी
- सहारा घोटाले के पैसे लौटाने के लिए SIT बनाएगी
आरक्षण सीमा बढ़ाने का भी वादा
अखिलेश सिंह ने कहा कि आरक्षण की सीमा बढ़ाकर विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा जाएगा।
एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस और अतिपिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण बढ़ाने का विस्तृत खाका भी उन्होंने पेश किया।
महागठबंधन की 5 साल की गारंटी
- हर परिवार में एक सरकारी नौकरी
- महिलाओं को ₹2500 मासिक सहायता
- 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली
- ₹500 में गैस सिलेंडर
- पुरानी पेंशन स्कीम बहाल
- दिव्यांगों को ₹3000 और वृद्धों को ₹1500 पेंशन
- जीविका दीदियों को ₹30,000 सैलरी
- किसानों को MSP की गारंटी
- हर परिवार को 25 लाख तक मुफ्त इलाज
- आरक्षण सीमा बढ़ाने के लिए कानून
“एनडीए ने भाषा की मर्यादा तोड़ी” – डॉ. मदन मोहन झा
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि कांग्रेस और महागठबंधन ने सकारात्मक चुनाव प्रचार किया, जबकि एनडीए ने बेहद निम्न स्तर की भाषा का इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा कि एनडीए के पास उपलब्धि नहीं, इसलिए उनके घोषणापत्र में जुमले ही जुमले हैं।
कौकब कादरी का हमला – “दोनों इंजन उलटी दिशा में, इसलिए बिहार रुका हुआ है”
कांग्रेस नेता कौकब कादरी ने कहा कि एनडीए सरकार में विकास इसलिए रुका क्योंकि डबल इंजन सरकार के दोनों इंजन अलग-अलग दिशा में खींचते रहे।
उन्होंने महिलाओं को चुनाव के वक्त 10 हजार रुपये देने को “वोट खरीदने का प्रयास” बताया।
प्रेस वार्ता में कई वरिष्ठ नेता मौजूद
इस मौके पर राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे, मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़, संजीव सिंह, जितेंद्र गुप्ता, डॉ. स्नेहाशीष वर्धन पांडेय सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे


