पटना। बिहार चुनाव के अंतिम चरण से ठीक पहले बीजेपी को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी को क्लीन चिट मिलने के बाद पार्टी नेताओं में उत्साह साफ दिख रहा है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि सम्राट चौधरी ने हमेशा संविधान और कानून के दायरे में रहकर राजनीति की है, और यह फैसला साबित करता है कि जनता और न्यायपालिका दोनों सच के साथ खड़ी हैं।
सोशल मीडिया पर कई नेताओं ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा—
“सत्य की जीत हुई, झूठ की हार।”
चुनाव से पहले आया फैसला, बीजेपी का बढ़ा मनोबल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला समय के लिहाज से बीजेपी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सम्राट चौधरी एक ओर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं, दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ एनडीए का प्रमुख चेहरा भी। ऐसे में उनके खिलाफ चल रहे कानूनी विवाद का निपटारा चुनावी माहौल में पार्टी के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, चुनाव के इतने करीब ऐसा फैसला मतदाताओं की धारणा पर सीधा असर डालता है।
122 सीटों पर मुकाबला, 11 नवंबर को मतदान
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अब निर्णायक मोड़ पर है। अंतिम चरण में 122 सीटों पर मतदान होना है, जो राज्य के लगभग आधे मतदाताओं को कवर करता है।
11 नवंबर को वोटिंग होगी और 14 नवंबर को नतीजे आने हैं।
बीजेपी अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को बड़े चुनावी मुद्दे के रूप में जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है।
विपक्ष ने औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी
विपक्षी दलों ने अभी तक इस फैसले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार वह इसे “कानूनी तकनीकी आधार पर मिला फायदा” करार दे रहे हैं। हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बड़े नेताओं से जुड़े ऐसे निर्णय सीधे तौर पर चुनावी माहौल को प्रभावित करते हैं।
अब सबकी नजर 11 और 14 नवंबर पर
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद बिहार की चुनावी जंग और दिलचस्प हो गई है।
अब देखना यह है कि सत्ता की कुर्सी किसके पास जाती है—
एनडीए या महागठबंधन।
लेकिन इतना तय है कि सम्राट चौधरी को मिली यह कानूनी राहत बीजेपी को चुनावी अखाड़े में मजबूत मनोवैज्ञानिक बढ़त दिला चुकी है।


