बिहार विधानसभा चुनाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। चुनावी ड्यूटी पर भेजे गए 10 पुलिसकर्मी, जिनमें 7 महिला सिपाही और 3 पुरुष सिपाही शामिल हैं, लापता हो गए हैं।
11 नवंबर को होने वाले मतदान में अब तक इन पुलिसकर्मियों ने एक दिन की भी ड्यूटी नहीं की, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय ने तुरंत रिपोर्ट मांगी है।
पुलिस मुख्यालय ने जारी किया पत्र
मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश में बताया गया:
- विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए पटना जिले से 3,429 हवलदार और सिपाही विभिन्न जिलों में भेजे गए थे।
- इनमें तैनाती इस प्रकार की गई थी:
- सीतामढ़ी – 1,153
- गया – 577
- शिवहर – 49
- भागलपुर – 578
- जमुई – 308
- अरवल – 67
- नवादा – 697
मुख्यालय ने स्पष्ट किया कि सीतामढ़ी में तैनात 10 पुलिसकर्मी अब तक अपनी पोस्ट पर पहुँचे ही नहीं हैं।
ड्यूटी से गायब, कोई संपर्क नहीं
पत्र में कहा गया:
- सभी पुलिसकर्मियों को 7 नवंबर से मतदान दिवस तक की ड्यूटी पर तैनात किया गया था।
- इन सभी ने पटना में रिपोर्ट तो दी, लेकिन उसके बाद पूरी तरह गायब हो गए।
- कोई फोन कॉल, कोई सूचना, कोई उपस्थिति—कुछ भी नहीं।
इस घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि चुनावी सुरक्षा में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी।
लापता पुलिसकर्मियों की सूची
लापता जवानों के नाम:
- रविकांत निरज
- संजय कुमार
- अमित कुमार
- नेहा कुमारी
- नीलम कुमारी
- सपना कुमारी
- स्मिता कुमारी
- निशा कुमारी
- रुबी कुमारी
- चित्रा चंद्रवंशी
मुख्यालय ने सख्त कार्रवाई करते हुए आदेश दिया है कि:
- सभी के वेतन पर तत्काल रोक लगाई जाए
- संबंधित लेखपाल और अधिकारियों को कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए
चुनाव के बीच सुरक्षा चिंताएँ बढ़ीं
चुनाव के संवेदनशील समय में पुलिसकर्मियों का इस तरह गायब हो जाना प्रशासनिक चुनौती बन गया है।
पुलिस विभाग ने इनकी तलाश शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार:
- यदि अगले 24 घंटे में कोई जानकारी नहीं मिली,
- तो विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ
- FIR दर्ज किए जाने की भी पूरी संभावना है।
यह घटना चुनावी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि पुलिस इन लापता जवानों को कब और कहाँ ढूँढ पाती है।


