सुपौल। बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से ठीक पहले सुपौल जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। 11 नवंबर को होने वाले मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है। इस बार सुरक्षा में एक विशेष पहल के तहत सशस्त्र घुड़सवार दस्ते भी तैनात किए गए हैं, जो संवेदनशील इलाकों में निगरानी करेंगे।
चार घुड़सवार सशस्त्र दस्ते तैनात
प्रशासन ने जानकारी दी है कि चुनाव के दौरान किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए चार घुड़सवार दस्ते तैनात किए गए हैं। इन्हें विशेष रूप से मतगणना केंद्रों के आसपास हाई अलर्ट पर रखा गया है।
इन दस्तों में शामिल हैं:
- विराट
- सुलतान
- निलोफर
- पेट्रो
इनकी मॉनिटरिंग वरिष्ठ अधिकारी युगल, रामजी प्रसाद, जीतेन्द्र कुमार और मोल अदनान कर रहे हैं।
राजगीर पुलिस अकादमी के प्रशिक्षित जवान
सभी तैनात जवान और अधिकारी राजगीर पुलिस अकादमी से प्रशिक्षित हैं और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रशासन ने साफ कहा है कि मतदान और मतगणना प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुपौल की 5 विधानसभा सीटों पर मतदान
जिले में इस चरण में कुल पांच विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव होंगे—
- इनमें 3 सामान्य सीटें
- और 2 अनुसूचित जनजाति (ST) आरक्षित सीटें शामिल हैं।
प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए पर्याप्त पुलिस बल और प्रशासनिक कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।
मतदान दिन पर विशेष इंतजाम
सुरक्षा के साथ-साथ प्रशासन ने मतदान दिवस के लिए कई अतिरिक्त व्यवस्थाएँ भी की हैं—
- यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष प्लान
- आपातकालीन मेडिकल टीमों की तैनाती
- फायर ब्रिगेड और बचाव इकाइयाँ तैयार स्थिति में
प्रशासन का दावा है कि सभी प्रयास इस बात के लिए हैं कि जिले में मतदान प्रक्रिया हर हाल में शांतिपूर्ण, सुरक्षित और निष्पक्ष रहे, ताकि हर मतदाता बिना किसी डर के मतदान कर सके।
14 नवंबर को आएगा परिणाम
सुपौल जिले में हुए मतदान का परिणाम 14 नवंबर 2025 को घोषित किया जाएगा।


