बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान जारी है। इसी बीच आरजेडी नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने अपने पोलिंग एजेंटों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की और प्रशासन पर धांधली के आरोप भी लगाए।
“सभी पोलिंग एजेंट ध्यान दें!” — तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव ने कहा कि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए पोलिंग एजेंटों को अतिरिक्त सतर्क रहना चाहिए।
उन्होंने कहा—
“वोटिंग समाप्त होने के पहले, लाइन में लगे अंतिम मतदाता का विवरण—जो पीठासीन अधिकारी पर्ची देकर बताते हैं—उसे लिखकर जरूर रखें।”
फॉर्म 17-C पर तेजस्वी ने दिया जोर
तेजस्वी यादव ने विशेष रूप से पोलिंग एजेंटों को फॉर्म 17-C लेना अनिवार्य बताया।
उन्होंने निर्देश दिया—
- “वोटिंग के बाद पीठासीन अधिकारी से फॉर्म 17-C अवश्य लें।”
- “फॉर्म 17-C के सभी विवरणों की जांच करें।”
- “फॉर्म 17-C की फोटो पार्टी कार्यालय और स्थानीय अधिकृत प्रतिनिधि को भेजें।”
- “फॉर्म की हार्ड कॉपी स्थानीय प्रतिनिधि को जरूर दें।”
फॉर्म 17-C में प्रत्येक बूथ पर पड़े कुल वोटों का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है, और चुनावी प्रक्रिया में यही दस्तावेज सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।
“EVM को अपनी मौजूदगी में ही सील करवाएं”
आरजेडी नेता ने पोलिंग एजेंटों को निर्देश दिया कि—
“वोटिंग समाप्त होने के बाद EVM अपने सामने ही सील करवाएं और उसे वज्रगृह (स्ट्रॉन्ग रूम) तक साथ में लेकर जाएं।”
उन्होंने आगे जोर दिया कि किसी भी परिस्थिति में एजेंट EVM को अकेला न छोड़े।
प्रथम चरण में 45,341 मतदान केंद्रों पर वोटिंग
पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों के लिए 45,341 बूथों पर मतदान हो रहा है।
तेजस्वी के इस निर्देश को महागठबंधन की ओर से मतगणना और मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
तेजस्वी यादव के इन सख्त निर्देशों ने चुनावी माहौल को और भी गरम कर दिया है। अब देखने वाली बात यह है कि इन निर्देशों का जमीनी प्रभाव कितना पड़ता है।

