
पटना | 6 नवंबर 2025 बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान के बीच पटना से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां दो महिला मतदाताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें वोट डालने से रोका गया। हालांकि, जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कहा कि मतदाता पर्ची के बिना भी वोट डाला जा सकता है, यदि नाम मतदाता सूची में दर्ज है।
शिकायत करने वाली महिलाएं — श्रेया मेहता और अनुपमा शर्मा
पटना की श्रेया मेहता ने शिकायत की कि उन्हें मतदान नहीं करने दिया गया। उन्होंने कहा —
“बीएलओ ने हमें पर्ची नहीं दी और डिजिटल रूप से डाउनलोड करने को कहा गया। मेरा नाम मतदाता सूची में है, लेकिन अब मुझे कहा जा रहा है कि बिना पर्ची के वोट नहीं डाल सकते। हम सुबह 6:30 बजे से इंतजार कर रहे हैं, अब वापस जा रहे हैं।”
इसी तरह अनुपमा शर्मा ने भी आरोप लगाया —
“मुझे भी वोट नहीं डालने दिया गया। मेरा नाम सूची में है, पहचान पत्र भी है, फिर भी कहा गया कि पर्ची नहीं है तो मतदान नहीं कर सकती। यह पहली बार है जब हमें ऐसी परेशानी झेलनी पड़ी।”
राजद ने उठाया मुद्दा
महिलाओं की शिकायत सामने आने के बाद राजद (RJD) ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया। पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारती ने सोशल मीडिया पर लिखा —
“महोदय, क्या उन मतदाताओं को वोट दिलवाने की कोई जानकारी है जिनके पास वोटर स्लिप नहीं होने के कारण वोट देने से रोका गया?”
प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया
मामले के बढ़ने के बाद पटना जिलाधिकारी (DM) त्यागराजन एस.एम ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि समस्या का तुरंत समाधान कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया —
“मतदान के लिए पर्ची जरूरी नहीं है। अगर मतदाता सूची में नाम है और चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त 12 पहचान पत्रों में से कोई एक वैध पहचान पत्र मतदाता के पास है, तो वह मतदान कर सकता है। किसी को मतदान से रोका नहीं जा सकता।”
चुनाव आयोग की ओर से स्पष्ट नियम
चुनाव आयोग पहले ही यह निर्देश जारी कर चुका है कि वोटर स्लिप केवल सुविधा के लिए है, यह पहचान पत्र का विकल्प नहीं है।
मतदाता अपने नाम की पुष्टि करने के बाद आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, या किसी सरकारी फोटो आईडी कार्ड के माध्यम से वोट डाल सकते हैं।
यह घटना मतदान प्रक्रिया की स्थानीय चुनौतियों और मतदाता जागरूकता की आवश्यकता दोनों को उजागर करती है। चुनाव आयोग और प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया से स्थिति सामान्य कर ली गई है, और दोनों महिला मतदाताओं को बाद में मतदान की अनुमति दी गई।


