पहले चरण की वोटिंग में 122 महिला उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद होगी, 18 जिलों के 45,341 मतदान केंद्रों पर हो रही वोटिंग

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान गुरुवार, 6 नवंबर को पूरे उत्साह और सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है।

राज्य के 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ, जो शाम 6 बजे तक चलेगा। हालांकि, कुछ संवेदनशील सीटों पर वोटिंग शाम 5 बजे तक ही संपन्न की जाएगी।

45,341 मतदान केंद्रों पर जारी मतदान, मतदाताओं में दिखा जोश

बिहार के मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर जिलों में कुल 45,341 मतदान केंद्रों पर वोटिंग जारी है।

इस चरण में 3 करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।
इनमें 1,98,35,325 पुरुष, 1,76,77,219 महिलाएं और 758 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
सुबह से ही कई मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं — खासकर महिलाओं और पहली बार वोट डालने वाले युवाओं में उत्साह चरम पर है।

122 महिला उम्मीदवार मैदान में, महिला सशक्तिकरण पर फोकस

इस चरण की खास बात यह है कि 122 महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।
चुनाव आयोग ने महिला भागीदारी बढ़ाने के लिए कई नई पहल की हैं।
कई जिलों में विशेष महिला मतदान केंद्र (Women Managed Polling Booths) बनाए गए हैं, जहां पूरी मतदान प्रक्रिया महिला अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की देखरेख में हो रही है।

यह प्रयास आयोग के उस मिशन का हिस्सा है, जिसके तहत महिला मतदाताओं की भागीदारी को प्रोत्साहित कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जा रहा है।

संवेदनशील बूथों पर सख्त सुरक्षा, शाम 5 बजे तक मतदान

चुनाव आयोग ने सुरक्षा को लेकर कड़े इंतज़ाम किए हैं।
सिमरी बख्तियारपुर, महिषी, तारापुर, मुंगेर और जमालपुर विधानसभा क्षेत्रों के सभी बूथों के साथ-साथ सूर्यगढ़ा के 56 बूथों को संवेदनशील घोषित किया गया है।
इन स्थानों पर शाम 5 बजे तक ही वोटिंग की अनुमति दी गई है।

हर बूथ पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती, लाइव वेबकास्टिंग, और सीसीटीवी मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और केंद्रीय चुनाव आयोग, पटना स्थित कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर निगरानी रख रहे हैं।

चुनाव आयोग की विशेष व्यवस्थाएं

बुधवार को सभी मतदान दल EVM और VVPAT मशीनों के साथ बूथों के लिए रवाना हुए थे।
इस बार राज्य में 45,324 सामान्य बूथ और 13 सहायक बूथ बनाए गए हैं ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

हर केंद्र पर बिजली, पीने के पानी, रैंप, और व्हीलचेयर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सहायता दल भी तैनात किए गए हैं।

तीन मोर्चों के बीच कड़ा मुकाबला

पहले चरण में मुकाबला एनडीए (भाजपा-जदयू) और महागठबंधन (राजद-कांग्रेस-वामदल) के बीच सीधा माना जा रहा है।
वहीं, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी तीसरे मोर्चे के रूप में मैदान में उतरकर कई सीटों पर मुकाबला दिलचस्प बना चुकी है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह चरण राज्य की सियासत की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।
ग्रामीण इलाकों में सुबह से भारी मतदान देखा जा रहा है, जबकि शहरी क्षेत्रों में दोपहर बाद मतदाताओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है।

EVM में कैद होगा 1314 उम्मीदवारों का भविष्य

इस चरण के अंत तक कुल 1314 उम्मीदवारों का भाग्य EVM में कैद हो जाएगा।
इनमें कई दिग्गज नेताओं और मंत्रियों की साख भी दांव पर है।
मतदान के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जनता किस पर भरोसा जताती है — विकास के एजेंडे पर या परिवर्तन की पुकार पर।

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