पटना | 5 नवंबर 2025: बिहार का मोकामा विधानसभा क्षेत्र एक बार फिर सियासी सुर्खियों में है। वजह है — केंद्रीय मंत्री और जेडीयू अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह का विवादित बयान, जिसे लेकर उन पर एफआईआर दर्ज की गई है और चुनाव आयोग ने उनसे जवाब मांगा है।ललन सिंह ने अब इस पर खुलकर सफाई दी है और विपक्ष, विशेषकर तेजस्वी यादव पर पलटवार किया है।
“वोटरों की रक्षा करना गुनाह नहीं” — ललन सिंह
मीडिया से बातचीत में ललन सिंह ने कहा —
“मैं पूछना चाहता हूं कि क्या मोकामा के वोटरों की रक्षा करना गुनाह है? यह इलाका मेरे लोकसभा क्षेत्र में आता है और यहां के गरीबों की सुरक्षा और उनके वोट अधिकार की रक्षा करना मेरा फर्ज है। मैंने वही कहा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। ललन सिंह ने कहा कि मोकामा में दुलारचंद यादव की शव यात्रा के दौरान उनके समर्थकों द्वारा “एक खास जाति को गाली देने” की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव उसी पुराने दौर को वापस लाना चाहते हैं, “जब भूरा बाल साफ करो जैसे नारे दिए जाते थे,” लेकिन “अब ऐसा नहीं होने देंगे।”
वायरल वीडियो पर ललन सिंह की सफाई
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनके बयान वाले वीडियो का केवल “एक हिस्सा” वायरल किया गया है, जबकि पूरा वीडियो देखने से संदर्भ साफ हो जाएगा।
“आरजेडी के लोगों की यही आदत है — वीडियो का हिस्सा उठाकर ट्वीट करते हैं और जनता को गुमराह करते हैं। पूरा वीडियो रिकॉर्डेड है, जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।”
उनका कहना है कि वीडियो में कही गई बातें गरीब और कमजोर मतदाताओं की सुरक्षा के लिए थीं, किसी को धमकाने का इरादा नहीं था।
मोकामा हिंसा और चुनाव आयोग की कार्रवाई
मोकामा में हाल ही में हुई हिंसक झड़प और वायरल वीडियो ने चुनावी माहौल गरमा दिया है। वीडियो में कुछ लोगों को यह कहते सुना जा सकता है कि “मतदान के दिन एक नेता को घर से बाहर न निकलने दें।” इसी आधार पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करने और जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने दोहराया कि वह निष्पक्ष और संवैधानिक संस्था है, और हर शिकायत पर समान रूप से कार्रवाई की जाएगी।स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
तेजस्वी यादव पर हमला
ललन सिंह ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर सीधा हमला करते हुए कहा —
“तेजस्वी जातीय तनाव बढ़ाना चाहते हैं। वे बिहार को फिर उसी शासनकाल में ले जाना चाहते हैं, जब भय और जातिवाद हावी था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हमारा काम वोटरों की रक्षा करना है।”
चुनाव आयोग की तैयारियां और मतदान की स्थिति
बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं।
- पहला चरण: 6 नवंबर (18 जिलों की 121 सीटें)
- दूसरा चरण: 11 नवंबर
राज्य में 3.75 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। चुनाव आयोग ने सभी बूथों पर सुरक्षा बलों की तैनाती, वेबकास्टिंग और निगरानी प्रणाली की व्यवस्था की है, ताकि मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।
राजनीतिक असर
विशेषज्ञों का कहना है कि मोकामा विवाद और इस तरह के वायरल वीडियो मतदाताओं को और अधिक सतर्क और जागरूक करेंगे।
यह घटना चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सुरक्षा की प्राथमिकता को भी उजागर करती है। अब देखना यह होगा कि आयोग की जांच क्या निष्कर्ष लाती है और मोकामा का यह विवाद पहले चरण के मतदान माहौल को किस हद तक प्रभावित करता है।



