प्रधानमंत्री मोदी 31 अक्टूबर को एकता नगर में लेंगे परेड की सलामी, 900 कलाकार दिखाएंगे भारत की सांस्कृतिक एकता
पटना, 30 अक्टूबर 2025। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज पटना में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष और राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि “सरदार पटेल केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता की नींव रखी।”
उन्होंने कहा कि “आजादी के आंदोलन की संगठनात्मक रीढ़” कहे जाने वाले सरदार पटेल ने 562 रियासतों का एकीकरण कर आधुनिक भारत का निर्माण किया। भोपाल, काठियावाड़, त्रावणकोर, जोधपुर और हैदराबाद जैसे राज्यों को एक सूत्र में पिरोने में उनकी अदम्य इच्छाशक्ति और कूटनीति की भूमिका रही। शाह ने कहा कि “आज भारत का जो मानचित्र हमारे सामने है, वह सरदार पटेल की दूरदर्शिता की देन है।”
31 अक्टूबर को भव्य राष्ट्रीय परेड
अमित शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को एकता नगर (केवड़िया) में होने वाली राष्ट्रीय एकता परेड की सलामी लेंगे। इस परेड में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और कई राज्यों की पुलिस इकाइयों के जवान हिस्सा लेंगे।
इस परेड में BSF का ऊंट दल, CRPF के शौर्य चक्र विजेता, असम पुलिस का मोटरसाइकिल शो, पंजाब और कश्मीर पुलिस की झांकियां तथा वायुसेना की सूर्यकिरण टीम का भव्य एयर शो प्रमुख आकर्षण होंगे।
इसके अलावा देशभर के 900 से अधिक कलाकार भारत की सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन करेंगे।
भारत पर्व का आयोजन
गृह मंत्री ने कहा कि सरदार पटेल और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में 1 से 15 नवंबर तक ‘भारत पर्व’ का आयोजन एकता नगर में किया जाएगा, जिसका समापन 15 नवंबर को भव्य जनजातीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ होगा। इसमें देशभर की जनजातीय परंपराओं, खाद्य संस्कृति, लोककला और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
स्टेच्यू ऑफ यूनिटी — भारत का इंजीनियरिंग चमत्कार
अमित शाह ने कहा कि विपक्ष ने सरदार पटेल के योगदान को लंबे समय तक भुलाने की कोशिश की, जिसके कारण उन्हें भारत रत्न मिलने में 41 साल की देरी हुई।
उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की स्मृति में 182 मीटर ऊंची ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण कराया, जो अब देश का गौरव बन चुकी है। इस प्रतिमा के निर्माण में देशभर के किसानों के औजारों से प्राप्त 25 हजार टन लोहा, 90 हजार घनमीटर कंक्रीट और 1700 टन कांसे का उपयोग किया गया।
आज प्रतिदिन औसतन 15 हजार लोग यहां आते हैं और अब तक 2.5 करोड़ से अधिक पर्यटक इसे देख चुके हैं। शाह ने कहा कि “स्टेच्यू ऑफ यूनिटी भारत का इंजीनियरिंग मार्वल है।”
सरदार पटेल का समर्पण
शाह ने याद दिलाया कि आजादी के बाद जब देश 15 अगस्त को जश्न मना रहा था, तब सरदार पटेल नौसेना अधिकारियों के साथ लक्षद्वीप ऑपरेशन की निगरानी कर रहे थे, जिससे यह द्वीप भारत का अभिन्न हिस्सा बन सका।
“हर वर्ष होगी एकता परेड”
अमित शाह ने घोषणा की कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती से शुरू होकर हर वर्ष 31 अक्टूबर को यह राष्ट्रीय एकता परेड आयोजित की जाएगी, ठीक उसी प्रकार जैसे 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड होती है।
उन्होंने कहा —
“यह परेड सरदार पटेल के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और देश में एकता, अखंडता और राष्ट्रभावना को सशक्त करने का माध्यम बनेगी।”


