गया में एनडीए प्रत्याशी अनिल कुमार के काफिले पर हमला, बाल-बाल बचे विधायक — 9 गिरफ्तार

गया (बिहार): बिहार विधानसभा चुनाव के बीच बुधवार को गया जिले के टिकारी विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ी घटना ने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के मौजूदा विधायक और एनडीए प्रत्याशी अनिल कुमार के काफिले पर दिघौरा गांव में उग्र भीड़ ने हमला कर दिया। ईंट-पत्थर और गोलियां चलीं। हालांकि बॉडीगार्डों की सतर्कता से विधायक की जान बच गई।
फिलहाल अनिल कुमार अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।


चुनाव प्रचार के दौरान भड़की हिंसा

अनिल कुमार बुधवार को चुनाव प्रचार के लिए दिघौरा गांव के चंद्रवंशी टोला और मांझी टोला जा रहे थे। रास्ते में कुछ लोगों ने उनका काफिला रोक लिया और सवाल करने लगे। जब उन्होंने बताया कि वे वोट मांगने जा रहे हैं, तभी स्थिति अचानक बिगड़ गई।
भीड़ ने वाहन से उतरने का दबाव बनाया और जब मना किया गया तो ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।

अनिल कुमार ने कहा,

“यह हमला पूरी प्लानिंग के साथ किया गया था। काफिले के सभी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। अगर बॉडीगार्ड समय पर न बचाते, तो मेरी हत्या हो जाती।”


फायरिंग और तोड़फोड़ से मचा हड़कंप

हमले के दौरान कम से कम सात राउंड फायरिंग की गई। गोली अनिल कुमार के बेहद करीब से गुजरी, जिससे वे बाल-बाल बच गए।
कई कार्यकर्ताओं को भीड़ ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिसमें तीन-चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए। अनिल कुमार को सिर और हाथ में चोटें आईं, जबकि उनके भाई और समर्थक भी घायल बताए जा रहे हैं।


“मेरे खिलाफ सुनियोजित साजिश” — अनिल कुमार

घटना के बाद अनिल कुमार ने कहा,

“यह हमला मेरे जीवन का सबसे भयावह पल था। यह सीधा मेरी हत्या की साजिश थी। मैंने किसी समाज के साथ नाइंसाफी नहीं की, फिर भी इस तरह का षड्यंत्र रचा गया।”

उन्होंने इस हमले को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।


हम पार्टी और मांझी की प्रतिक्रिया

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) ने इसे सुनियोजित राजनीतिक साजिश बताया है।
पार्टी संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया पर लिखा —

“यह एनडीए प्रत्याशी पर हमला है, जो गठबंधन की एकता को कमजोर करने की कोशिश है। विपक्ष हताशा में इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहा है।”

हम के समर्थकों का आरोप है कि हमले में यादव समाज के कुछ लोग शामिल थे, जबकि विपक्ष ने पलटवार करते हुए कहा कि यह “सत्ताधारी दलों का नाटक” है।


राजनीतिक हलचल और चुनाव आयोग की नजर

यह घटना बिहार चुनाव के बीच एनडीए और विपक्ष दोनों के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
हम पर हमले से गठबंधन में हलचल बढ़ गई है।
वहीं, चुनाव आयोग ने मामले का संज्ञान लिया है और विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने के संकेत दिए हैं।


पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही गया के एसएसपी आनंद कुमार और डीएम शशांक शुभंकर मौके पर पहुंचे।
गांव को छावनी में बदल दिया गया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

एसएसपी आनंद कुमार ने बताया,

“अब तक नौ लोगों को हिरासत में लिया गया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। आत्मरक्षा में अंगरक्षकों ने फायरिंग की थी। स्थिति अब नियंत्रण में है।”


मौके पर माहौल तनावपूर्ण, लेकिन स्थिति नियंत्रण में

पुलिस ने हमलावरों की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर शुरू कर दी है और टिकारी व आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
वहीं प्रशासन ने अनिल कुमार की सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए हैं।


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