मोकामा में बाहुबली बनाम बाहुबली की जंग, योगी आदित्यनाथ की रैली से बढ़ी सियासी सरगर्मी

पटना/मोकामा: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच मोकामा सीट इस बार सबसे ज्यादा सुर्खियों में है। यहां बाहुबली नेताओं के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। मोकामा विधानसभा को इस बार चुनावी दृष्टि से हॉट सीट माना जा रहा है, जहां की हर हलचल पर राजनीतिक विश्लेषकों की नजर टिकी हुई है।

मोकामा से इस बार एक ओर मैदान में हैं जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह, तो दूसरी ओर सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी ने चुनावी बिगुल फूंका है। दोनों नेताओं की साख, जनाधार और प्रभाव क्षेत्र को देखते हुए यह मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।

वीणा देवी ने अपने प्रचार में महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखकर अभियान शुरू किया है। उनका कहना है कि मोकामा में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं को दूर करना उनकी प्राथमिकता है।

वहीं, अनंत सिंह अपनी पुरानी पहचान और इलाके में पकड़ के सहारे चुनावी मैदान में हैं। उनके समर्थक मानते हैं कि अनंत सिंह ही मोकामा की असली आवाज़ हैं।


योगी आदित्यनाथ की रैली से एनडीए को मिलेगा फायदा?

राजनीतिक माहौल को और गरमाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 3 नवंबर को मोकामा के पांचमहला मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।
रैली को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं। माना जा रहा है कि योगी का यह दौरा जेडीयू और एनडीए गठबंधन के लिए बड़ा मोरल बूस्टर साबित हो सकता है।


स्थानीय मुद्दे भी केंद्र में

हालांकि इस सीट पर मुकाबला भले ही दो बाहुबलियों के बीच हो, लेकिन स्थानीय मुद्दे भी इस बार अहम भूमिका निभा रहे हैं। बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सवालों पर जनता खुलकर अपनी राय रख रही है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मोकामा विधानसभा का यह चुनाव सिर्फ दो नेताओं के बीच की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह बिहार की बदलती राजनीति और मतदाताओं की सोच का भी आईना है।


3 नवंबर की रैली के बाद और गरमाएगा मोकामा का चुनावी माहौल

बाहुबली नेताओं के बीच सीधा मुकाबला, महागठबंधन और एनडीए की आक्रामक रणनीतियाँ, और योगी आदित्यनाथ का आगमन — मोकामा को इस बार बिहार चुनाव 2025 की सबसे चर्चित सीट बना चुका है।
अब देखना होगा कि जनता किसे मौका देती है — अनुभव और प्रभाव वाले अनंत सिंह को या जनता की आवाज़ उठाने वाली वीणा देवी को।


 

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