पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर महागठबंधन ने आज पटना में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा ऐलान किया। गठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। इस घोषणा के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
‘सन ऑफ मल्लाह’ के नाम से पहचान बनाने वाले मुकेश सहनी के लिए यह पल लंबे इंतजार के बाद आया है। एनडीए छोड़ने के बाद से ही वे उपमुख्यमंत्री पद की दावेदारी पर अड़े थे, जो आखिरकार पूरी हो गई।
2020 में तेजस्वी से हुआ था टकराव
2020 के विधानसभा चुनाव में भी मुकेश सहनी महागठबंधन के साथ रहने वाले थे, लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अचानक उन्होंने तेजस्वी यादव पर “पीठ में खंजर घोंपने” का आरोप लगाते हुए एनडीए का रुख कर लिया था।
एनडीए के साथ रहा सफर
एनडीए में रहते हुए वीआईपी को 11 सीटें मिलीं, जिनमें से पार्टी ने 4 पर जीत दर्ज की। हालांकि, खुद मुकेश सहनी सिमरी बख्तियारपुर से चुनाव हार गए। बाद में उन्हें विधान परिषद से मंत्री बनाया गया। लेकिन 2022 में बीजेपी से टकराव के बाद वे सरकार से बाहर कर दिए गए और उनके तीनों विधायक बीजेपी में शामिल हो गए।
तेजस्वी के साथ दोबारा वापसी
2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी के बीच फिर से नजदीकियां बढ़ीं। आरजेडी ने वीआईपी को तीन सीटें दीं, हालांकि नतीजे पार्टी के पक्ष में नहीं रहे।
अब बनेंगे डिप्टी सीएम उम्मीदवार
चुनाव से पहले चली लंबी बातचीत के बाद आखिरकार आज महागठबंधन ने यह तय किया कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री और मुकेश सहनी उपमुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।
क्या बोले मुकेश सहनी?

घोषणा के बाद प्रेस वार्ता में मुकेश सहनी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा —
“भाजपा ने जिस तरह हमारी पार्टी को तोड़ा, हमारे विधायकों को खरीदा, उस दिन से हमने ठान लिया था कि जब तक भाजपा को तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं। अब वह समय आ चुका है। हम मजबूती से महागठबंधन के साथ रहकर बिहार में सरकार बनाएंगे और भाजपा को बिहार से बाहर करेंगे।”



