पटना/शिवहर: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे बागियों की फौज बढ़ती जा रही है। अब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की महिला प्रदेश अध्यक्ष रीतू जायसवाल भी बगावत के मूड में हैं। पार्टी द्वारा सीतामढ़ी की परिहार विधानसभा सीट से टिकट न दिए जाने पर उन्होंने खुलकर नाराजगी जताई है और कहा है कि अगर पार्टी ने अपना निर्णय नहीं बदला तो वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगी।
परिहार से टिकट की चाह, मिला बेलसंड का ऑफर
जानकारी के अनुसार, रीतू जायसवाल को परिहार विधानसभा सीट से टिकट की उम्मीद थी, लेकिन राजद ने वहां से डॉ. रामचंद्र पूर्वे की बहू को उम्मीदवार बना दिया। पार्टी अब रीतू जायसवाल को बेलसंड सीट से चुनाव लड़ाने की तैयारी में है, जिससे वे बेहद नाराज हैं।
रीतू जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर लिखा —
“जैसे ही पता चला कि परिहार से टिकट नहीं देकर बेलसंड से देने की संभावना है, परिहार की जनता के हजारों फोन और संदेश आने लगे — ‘मैडम, परिहार को मत छोड़िए।’ मैं इस मिट्टी से भावनात्मक रूप से जुड़ी हूं, इसे छोड़ना मेरी आत्मा को स्वीकार नहीं।”
‘गद्दारी का पुरस्कार मिला है’ — रीतू जायसवाल
रीतू जायसवाल ने कहा कि परिहार की बदहाली के लिए सिर्फ बीजेपी विधायक गायत्री देवी ही नहीं, बल्कि पूर्व राजद विधायक डॉ. रामचंद्र पूर्वे भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया —
“पिछले विधानसभा चुनाव में डॉ. पूर्वे ने राजद से गद्दारी की थी, जिसके कारण मुझे मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा। अब उनकी बहू को टिकट देना उनकी गद्दारी का पुरस्कार देने जैसा है।”
‘निर्दलीय चुनाव लड़ना अब तय’
रीतू जायसवाल ने साफ कहा कि वह किसी अन्य क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ेंगी।
“परिहार को छोड़ किसी और क्षेत्र से चुनाव लड़ना मेरी आत्मा को स्वीकार नहीं। मैंने पार्टी नेतृत्व को साफ बता दिया है कि अगर निर्णय नहीं बदला गया तो मैं परिहार से स्वतंत्र (निर्दलीय) उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ूंगी।”
राजनीतिक समीकरण पर असर
राजद के इस फैसले ने शिवहर और सीतामढ़ी इलाके में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। रीतू जायसवाल इस क्षेत्र में लोकप्रिय चेहरा मानी जाती हैं और अगर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा तो यह राजद के लिए बड़ा नुकसान साबित हो सकता है।
रिपोर्टर: सुमित कुमार
अपडेट: 10 अक्टूबर 2025


