पटना।लंबे इंतजार और राजनीतिक खींचतान के बाद आखिरकार बिहार में एनडीए के घटक दलों के बीच सीटों का बंटवारा तय हो गया है। इस बार जदयू और बीजेपी बराबर-बराबर 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। वहीं चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें, उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्र लोक समता पार्टी (RLM) और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) को 6-6 सीटें दी गई हैं।
बीजेपी नेता धर्मेंद्र प्रधान और जदयू नेता संजय झा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा की। धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर लिखा —
“हम एनडीए के साथियों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में सीटों का वितरण पूर्ण किया है।
BJP – 101, JDU – 101, LJP(R) – 29, RLM – 06, HAM – 06।
एनडीए के सभी दलों के कार्यकर्ता और नेता इसका हर्षपूर्वक स्वागत करते हैं। बिहार है तैयार, फिर से एनडीए सरकार।”
जदयू नेता संजय झा ने भी इसी अंदाज में लिखा —
“एनडीए के सभी दलों के नेता और कार्यकर्ता साथी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रचंड बहुमत के साथ फिर से मुख्यमंत्री बनाने के लिए संकल्पित एवं एकजुट हैं।”
जदयू को छोड़नी पड़ीं सबसे ज्यादा सीटें
इस बार के सीट बंटवारे में सबसे ज्यादा नुकसान जदयू को हुआ है। पार्टी को पिछली बार की तुलना में 14 सीटें छोड़नी पड़ीं, जबकि भाजपा ने 9 सीटें, और हम ने 1 सीट छोड़ी है। 2020 के विधानसभा चुनाव की तुलना में जदयू के हिस्से से कुल 21 सीटें और भाजपा के हिस्से से 20 सीटें कम हुई हैं।
जदयू की यह जिद भी नहीं रही कि जिन सीटों पर पिछली बार हम लड़े थे, उनमें से कोई सीट लोजपा(रा) को नहीं दी जाएगी। इस बार पार्टी ने लचीलापन दिखाते हुए तालमेल को प्राथमिकता दी है।
एनडीए में खुशी की लहर, घटक दल एकजुट
एनडीए के सभी दलों ने इस समझौते को लेकर संतोष जाहिर किया है। जीतन राम मांझी के बेटे और मंत्री संतोष सुमन ने एक्स पर लिखा —
“हम एनडीए साथियों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में सीटों का वितरण पूरा किया। सभी दलों के कार्यकर्ता और नेता इसका हर्षपूर्वक स्वागत करते हैं।”
एनडीए में सीट बंटवारे के बाद अब सभी दल चुनावी मोड में आ चुके हैं।
साझा नारा तय किया गया है —
“बिहार है तैयार, फिर से एनडीए सरकार।”


