पटना | 11 अक्टूबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। दल-बदल का सिलसिला जारी है और अब राजद (राष्ट्रीय जनता दल) को एक और बड़ा झटका लगा है।
नवादा विधायक विभा देवी और रजौली विधायक प्रकाश वीर ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव से मुलाकात कर अपना त्यागपत्र सौंपा, जिसे अध्यक्ष ने स्वीकार भी कर लिया है। हालांकि विधानसभा सचिवालय की ओर से औपचारिक पत्र जारी होना अभी बाकी है।
NDA नेताओं के संपर्क में दोनों विधायक
सूत्रों के मुताबिक, विभा देवी और प्रकाश वीर लंबे समय से एनडीए नेताओं के संपर्क में थे। माना जा रहा है कि दोनों आगामी विधानसभा चुनाव एनडीए गठबंधन के टिकट पर लड़ सकते हैं।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गया दौरे के दौरान भी दोनों नेताओं को मंच साझा करते देखा गया था, जिसके बाद से ही उनके भाजपा या जदयू में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं।
पहले भी कई विधायकों ने छोड़ा राजद
इससे पहले भी राजद के कई विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं।
- चेतन आनंद (शिवहर)
- भरत बिंद (भभुआ)
- संगीता कुमारी (मोहनिया)
इन्होंने भी राजद से इस्तीफा देकर एनडीए के प्रति झुकाव दिखाया था।
वहीं, कांग्रेस के मुरारी गौतम ने भी पार्टी छोड़ दी है। सूत्रों के अनुसार, जदयू और भाजपा इन बागी विधायकों को टिकट देने पर गंभीरता से विचार कर रही हैं।
मगध में राजद की मुश्किलें बढ़ीं
राजद के लिए मगध और शाहाबाद क्षेत्र में स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है।
2020 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन ने इन दोनों इलाकों में शानदार प्रदर्शन करते हुए
- मगध की 26 में से 20 सीटें
- शाहाबाद की 22 में से 20 सीटें जीती थीं।
लेकिन मौजूदा इस्तीफों और असंतोष के चलते इन इलाकों में महागठबंधन की स्थिति कमजोर होती दिख रही है।
कौन हैं विभा देवी?
विभा देवी पूर्व मंत्री राजबल्लभ प्रसाद यादव की पत्नी हैं और नवादा विधानसभा सीट से विधायक हैं।
राजबल्लभ यादव लालू परिवार के पुराने सहयोगी माने जाते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनका और तेजस्वी यादव का रिश्ता ठंडा पड़ गया था।
विभा देवी के साथ रजौली के विधायक प्रकाश वीर भी राजबल्लभ यादव के करीबी माने जाते हैं।
तेजस्वी यादव से नाराजगी की पृष्ठभूमि
नवादा में हुए एक राजद कार्यक्रम के दौरान तेजस्वी यादव ने विभा देवी और प्रकाश वीर को आमंत्रित नहीं किया था।
उस मंच पर तेजस्वी यादव ने विभा देवी के पति राजबल्लभ यादव के प्रतिद्वंद्वी कौशल यादव को राजद में शामिल कराया था, जिससे दोनों विधायकों की नाराजगी खुलकर सामने आ गई थी।
प्रकाश वीर बोले — “आत्मसम्मान की रक्षा नहीं हो सकी”
इस्तीफे के बाद रजौली विधायक प्रकाश वीर ने कहा,
“राजद में आत्मसम्मान के साथ रहना मुश्किल हो गया था। जब राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की यात्रा चल रही थी, तब एक व्यक्ति ने भीड़ में कहा कि तेजस्वी भैया प्रकाश वीर को टिकट नहीं देना है, लेकिन तेजस्वी ने कुछ नहीं कहा। तब ही तय कर लिया था कि अब ऐसी पार्टी में नहीं रहेंगे जहां आत्मसम्मान की रक्षा न हो।”
उन्होंने आगे कहा,
“विभा देवी को भी जनता अब राजद में नहीं चाहती थी। जनता चाहती है कि हम चुनाव लड़ें, लेकिन किस पार्टी से लड़ेंगे, यह फैसला जनता की राय से होगा। राजद की स्थिति इस बार बेहद खराब होगी।”
प्रहलाद यादव को लेकर सस्पेंस बरकरार
राजद के एक और विधायक प्रहलाद यादव (सूर्यगढ़ा) को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है।
विश्वास मत के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार के पक्ष में मतदान किया था, लेकिन अब तक उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है।
सियासी विश्लेषण
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रहे इस्तीफे इस बात का संकेत हैं कि राजद में अंदरूनी असंतोष बढ़ रहा है।
मगध और दक्षिण बिहार के इलाके, जो पहले लालू-तेजस्वी की ताकत माने जाते थे, अब धीरे-धीरे एनडीए के प्रभाव क्षेत्र में जाते दिख रहे हैं।


