भागलपुर, 12 अक्टूबर 2025:बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उम्मीदवारों के प्रचार वाहनों की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान चुनाव आयोग ने वाहनों की संख्या तय की थी, लेकिन इस बार ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रचार में इस्तेमाल किए जाने वाले हर वाहन का पूरा खर्च उम्मीदवार को अपने चुनावी व्यय में जोड़ना होगा।
चुनाव आयोग ने प्रत्याशी के लिए चुनाव खर्च की सीमा 40 लाख रुपये निर्धारित की है। इसका अर्थ यह है कि जितने अधिक वाहन प्रचार में लगाए जाएंगे, उतना ही उनका खर्च बढ़ेगा और उसे आयोग को रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा।
नाश्ता-खाना और जनसभाओं का खर्च भी होगा नियंत्रित
चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव में सभी उम्मीदवारों को समान अवसर देने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में व्यय पर्यवेक्षक तैनात किया है। हर उम्मीदवार के चुनावी खर्च पर नजर रखने के लिए चुनाव प्रचार की सभी सामग्रियों और कार्यक्रमों के खर्च की दर एक समान तय की गई है।
इसमें विशेष तौर पर जनसभा, नाश्ता-खाना, शामियाना एवं प्रचार वाहनों के खर्च शामिल हैं। ये दर स्थानीय बाजार मूल्यों के आधार पर निर्धारित की जाएगी और वाणिज्य-कर विभाग द्वारा जिला स्तर पर इसका औपचारिक निर्धारण किया जाएगा। इसके साथ ही, इसमें जीएसटी का उल्लेख भी किया जाएगा। प्रचार में उपयोग किए जाने वाले पेट्रोल और डीजल की कीमत भी राज्य में समान रूप से लागू होगी।
परिवार और संबंधियों का खर्च भी होगा शामिल
किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार में परिवार और संबंधियों की भागीदारी होने पर उनके द्वारा किए गए खर्च को भी चुनाव खर्च में शामिल किया जाएगा। चुनाव आयोग का यह स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी तरह का खर्च चुनावी व्यय की सीमा से बाहर नहीं रखा जाएगा।
चुनाव आयोग की यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिले और चुनाव प्रचार में पारदर्शिता बनी रहे।


