पाटलिपुत्र स्थित नवनिर्मित एसटीपीआई इकाई का किया निरीक्षण, निवेशकों को मिलेगी बड़ी रियायतें
पटना, 28 सितंबर।बिहार के सूचना प्रावैधिकी मंत्री कृष्ण कुमार मंटू ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा निवेश आकर्षित कर ही बिहार को पूर्वी भारत का आईटी हब बनाया जा सकता है। इसके लिए राज्य सरकार ने आईटी नीति-2024 में निवेशकों के हित में कई बड़े प्रावधान किए हैं।
शनिवार को मंत्री पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित नवनिर्मित सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) इकाई का निरीक्षण करने पहुंचे। इस मौके पर आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम सेक्टर के करीब आधा दर्जन स्टार्टअप्स ने अपने नवाचार और कामकाज की प्रस्तुति दी।
1 लाख वर्गफीट में फैला एसटीपीआई भवन
यह एसटीपीआई भवन कुल एक लाख वर्गफीट क्षेत्र में फैला है। इसमें कंपनियों के लिए 103 प्लग एंड प्ले ऑफिस स्पेस उपलब्ध कराए गए हैं। मंत्री ने यहां की सुविधाओं का जायजा लेने के बाद कहा कि “बिहार तकनीक से तरक्की की ओर तेजी से बढ़ रहा है।”
आईटी नीति-2024 के तहत निवेशकों को लाभ
मंत्री मंटू ने बताया कि नई आईटी नीति में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई प्रकार की सब्सिडी और छूट दी जा रही हैं।
- पूंजी निवेश सब्सिडी : कुल निवेश का 30% (अधिकतम 30 करोड़ रुपये तक)
- ब्याज अनुदान सब्सिडी : परियोजना लागत का 50% या अधिकतम 40 करोड़ रुपये तक, 5 वर्षों के लिए
- लीज रेंटल पर सब्सिडी : 50% तक, 5 वर्षों के लिए
- बिजली बिल प्रतिपूर्ति : वार्षिक खर्च का 25%, 5 वर्षों तक
- रोजगार सृजन सब्सिडी : ईएसआई और पीएफ में नियोक्ता योगदान की 100% प्रतिपूर्ति, अधिकतम 5 हजार रुपये प्रतिमाह प्रति कर्मचारी, 5 वर्षों के लिए
बिहार को बनेगा आईटी हब
मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक कंपनियां बिहार में आएं और यहां के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें। आईटी नीति-2024 इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
कार्यक्रम में अधिकारी भी रहे मौजूद
इस मौके पर सूचना प्रावैधिकी विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार चौधरी, बेल्ट्रॉन के महानिदेशक (परियोजना) श्याम बिहारी सिंह, एसटीपीआई पटना के अपर निदेशक राजीव कुमार और सी-डैक के निदेशक अभिनव दीक्षित मौजूद रहे।


