बिहार को मिला पर्यावरणीय गर्व, बक्सर और पश्चिम चंपारण की दो नई झीलें बनीं रामसर साइट

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार की दो नई झीलों को रामसर साइट का दर्जा मिलने पर इसे भारत की पर्यावरण संरक्षण यात्रा का अहम पड़ाव बताया है।

बक्सर जिले की गोकुल जलाशय (448 हेक्टेयर) और पश्चिम चंपारण जिले की उदयपुर झील (319 हेक्टेयर) को अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि (Wetland) के रूप में मान्यता मिली है।

पीएम मोदी का संदेश

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के एक्स (X) पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा—
“यह शानदार खबर है! आर्द्रभूमियां सतत विकास के लिए बेहद जरूरी हैं। बिहार की जनता को विशेष बधाई, जो विचार और कर्म दोनों से पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभा रही है।”

क्या हैं रामसर साइट?

रामसर साइट्स उन आर्द्रभूमियों को कहा जाता है जिन्हें अंतरराष्ट्रीय महत्व की मान्यता मिलती है। ये स्थल जैव विविधता, जल संरक्षण, बाढ़ नियंत्रण और स्थानीय आजीविका के लिए बेहद अहम माने जाते हैं।

बिहार को होगा बड़ा लाभ

विशेषज्ञों के अनुसार, इन झीलों को रामसर साइट का दर्जा मिलने से न सिर्फ पक्षियों और जलीय जीवों का संरक्षण होगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।


 

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