भागलपुर, 26 सितंबर 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का भव्य शुभारंभ किया। इस योजना के तहत राज्य की 75 लाख महिलाओं के बैंक खाते में सीधे ₹10,000 ट्रांसफर किए जाएंगे। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वरोजगार और आत्मनिर्भर बनाना है।
रीता दीदी की प्रेरणादायक कहानी
इस मौके पर भोजपुर की रीता दीदी ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि 2015 में उन्होंने स्वयं सहायता समूह से शुरुआत की थी। शुरुआत में उन्हें 5,000 रुपए मिले, जिनसे उन्होंने 4 बकरियां खरीदीं और रोजगार शुरू किया। इसके बाद उन्होंने 50 मुर्गियां खरीदकर अंडा व्यवसाय शुरू किया।
रीता दीदी ने बताया:
“इस व्यवसाय से हमारे घर की आर्थिक स्थिति में बहुत सुधार आया। अब हम लखपति दीदी बन गई हैं और ड्रोन दीदी भी। महिला रोजगार योजना के आने से गांव में चहल-पहल मच गई है। मुझे पहली किस्त में 10,000 रुपए मिले, जिससे मैंने और मुर्गी ली। अगले चरण में 2 लाख रुपए मिलने पर पोल्ट्री फार्म शुरू करूंगी।”
उन्होंने यह भी बताया कि पहले वे मिट्टी के घर में रहती थीं, लेकिन अब पक्के मकान, शौचालय, शुद्ध पानी, उजाला गैस कनेक्शन और मुफ्त इलाज जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। बच्चों को स्कूल जाने के लिए साइकिल दी जा रही है।
प्रधानमंत्री ने रीता दीदी की सराहना की
पीएम मोदी ने रीता दीदी की कहानी सुनकर उनकी तारीफ की और कहा:
“रीता दीदी, आप बहुत सुपरफास्ट बोलती हैं। आपने सारी योजनाओं का नाम विस्तार से बताया।”
गया की नूरजहां खातून ने बताया कि ₹10,000 से वह अपना काउंटर खोलेंगी और अपने सामान की बिक्री करेंगी। उन्होंने कहा कि पहले से सिलाई का काम चल रहा था, अब मशीन का काम भी शुरू करेंगी और पति को घर बुलाकर अपने काम में मदद लेंगी। वर्तमान में वे 10 लोगों को रोजगार देती हैं, अगले चरण में 2 लाख रुपए मिलने पर रोजगार बढ़ाया जाएगा और और लोगों को काम दिया जाएगा।
प्रत्यक्ष लाभ और योजना का महत्व
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले जब कोई पैसा भेजा जाता था तो सिर्फ़ कुछ लोगों तक ही पहुंचता था, लेकिन अब संपूर्ण राशि सीधे महिलाओं के खाते में ट्रांसफर की जा रही है। इससे महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना ने केंद्र सरकार के ‘लखपति दीदी अभियान’ को भी नई मजबूती दी है। राज्य की महिलाएं अब रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं के माध्यम से सशक्त बन रही हैं।
इस योजना से बिहार की महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र होंगी, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से अपने परिवार और समाज में योगदान भी देंगी।


