पटना, 25 सितंबर 2025: मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज भागलपुर जिले के सन्हौला प्रखंड स्थित ग्राम पंचायत सिलहन के महादेव स्थान में आयोजित एनडीए कार्यकर्ताओं के संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश में हुए विकास कार्यों और योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 नवंबर 2005 से एनडीए की सरकार लगातार बिहार के विकास और जनता की भलाई के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि 2005 से पहले राज्य में कानून का शासन कमजोर था, सामाजिक विवाद और अपराध आम थे, सड़कें जर्जर थीं, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाएं न्यूनतम स्तर पर थीं। इसके विपरीत अब राज्य में शांति, भाईचारा और कानून का राज स्थापित है।
शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार:
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में बड़ी संख्या में नए विद्यालय खोले गए, शिक्षकों की बहाली की गई और नियोजित शिक्षकों को मामूली परीक्षा देकर सरकारी शिक्षक बनाया गया। अब बिहार में सरकारी शिक्षकों की कुल संख्या 5 लाख 20 हजार हो चुकी है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सुधार हुआ है। पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिमाह मात्र 39 मरीज आते थे, अब औसतन 11,600 मरीज इलाज के लिए आते हैं। मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़ाकर 12 की गई, 20 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बन रहे हैं, पटना मेडिकल कॉलेज को 5,400 बेड का और अन्य 5 पुराने कॉलेजों को 2,500 बेड का बनाया गया।
सड़कों और परिवहन का विकास:
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़कों और पुलों का व्यापक निर्माण कराया गया है। सुदूरवर्ती इलाके से पटना पहुंचने का समय 6 घंटे से घटाकर 5 घंटे किया गया है। सात निश्चय और सात निश्चय-2 योजनाओं के तहत हर घर बिजली, नल का जल, शौचालय, सिंचाई, टेलीमेडिसिन, बाल हृदय योजना सहित कई योजनाओं को लागू किया गया।
युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार:
2005-2025 के बीच 8 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई। सात निश्चय-2 योजना के तहत अब तक 49 लाख युवाओं को नौकरी एवं रोजगार दिया जा चुका है। अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पंचायती राज और नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण, पुलिस और सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया।
गरीब परिवारों और समाज के सभी तबकों के लिए कल्याण:
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 की जाति आधारित गणना में 94 लाख गरीब परिवार चिन्हित किए गए और अब इन्हें 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। जीविका के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की संख्या 11 लाख और जीविका दीदियों की संख्या 1 करोड़ 40 लाख हो गई है।
भागलपुर जिले में किए गए विकास कार्य:
भागलपुर में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, महिला आईटीआई, जीएनएम एवं पारा मेडिकल संस्थान स्थापित किए गए। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का विस्तार कराया गया। सड़कों, पुलों और जल संरक्षण कार्यों का निर्माण किया गया। विक्रमशिला सेतु का चौड़ीकरण एवं फोरलेन निर्माण कार्य जारी है।
वित्तीय और महिला सशक्तिकरण पहल:
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह भवन का निर्माण, जीविका दीदियों के ऋण पर ब्याज में कमी, रसोई की लागत में कमी, पेंशन राशि में वृद्धि और सोलर पैनल लगवाने जैसी पहलें शुरू की गई हैं। महिला रोजगार योजना के तहत हर घर की एक महिला को 10 हजार रुपये की प्रारंभिक राशि और आवश्यकतानुसार 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।
संवाद कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, राज्यसभा सांसद एवं जदयू कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संजय कुमार झा, अन्य सांसद, विधायक और जिला अध्यक्षगण सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत फूलों की माला और स्मृति चिन्ह देकर किया।


