“बिहार फ़ूड सेक्टर इंडस्ट्री मीट 2025” में विशेषज्ञों और उद्यमियों ने साझा किए विचार
पटना, 25 सितंबर।बिहार सरकार ने युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर देने के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में बड़ा दांव खेला है। श्रम संसाधन विभाग के अधीन बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) ने बुधवार को पटना में “बिहार फ़ूड सेक्टर इंडस्ट्री मीट-2025” का आयोजन किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन श्रम संसाधन विभाग के सचिव-सह-BSDM के सीईओ दीपक आनन्द ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा—
👉 “यह पहल बिहार को खाद्य उद्योग का हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगी। युवाओं को सेक्टर-विशिष्ट कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और उद्यमिता से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक करोड़ रोजगार सृजन के लक्ष्य की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।”
मखाना, सत्तू और देसी उत्पादों पर फोकस
कार्यक्रम में यह साफ संदेश दिया गया कि बिहार के स्थानीय उत्पादों (मखाना, सत्तू, लिट्टी-चोखा से जुड़े उत्पाद आदि) को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
कृषि, उद्योग, सहकारिता और पशुपालन विभाग के प्रतिनिधियों के साथ-साथ उद्योग जगत के विशेषज्ञ और समृद्ध किसान भी इस चर्चा में शामिल हुए।
एमओयू और नई पहलें
- मुंबई डब्बावाला के प्रतिनिधि सुबोध और सत्तूज के प्रतिनिधि सचिन के साथ BSDM ने एमओयू साइन किया।
- कुशल युवा कार्यक्रम के लिए नई पाठ्यपुस्तिका और वेबसाइट का विमोचन किया गया।
- एग्रीफीडर की सुश्री प्रिया पांडेय, देहात के आदर्श और अन्य प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए।
इंडस्ट्री मीट से क्या बदलेगा?
🔹 बिहार को खाद्य प्रसंस्करण का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में निवेश आकर्षित होगा।
🔹 युवाओं को सेक्टर-विशिष्ट कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
🔹 सरकार और उद्योग जगत के बीच साझेदारी और मजबूत होगी।
🔹 मखाना और अन्य देसी उत्पादों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने की राह खुलेगी।
श्रमायुक्त–सह-BSDM के एसीईओ राजेश भारती ने कार्यक्रम को “ऐतिहासिक पहल” बताते हुए कहा कि इससे कौशल विकास, रोजगार और खाद्य उद्योग की संभावनाओं को पंख मिलेंगे।


