पटना, 24 सितंबर: अब बिहार के कृषि उत्पादों का निर्यात और भी सुविधाजनक हो गया है। पटना में एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) का क्षेत्रीय कार्यालय खुलने से अब किसानों और निर्यातकों को सीधे मार्गदर्शन, प्रमाणन सहायता और बाजार की जानकारी उपलब्ध होगी।
बिहार के उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार
मिथिला मखाना, शाही लीची, जर्दालु आम, मर्चा धान, कतरनी चावल और तिलकुट जैसे पारंपरिक कृषि उत्पाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आसानी से पहुंचेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि पटना में एपीडा कार्यालय की स्थापना राज्य के कृषि निर्यात के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।
निर्यात प्रक्रिया में सरलता
अब निर्यातकों को वाराणसी कार्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पटना कार्यालय उन्हें प्रत्यक्ष मार्गदर्शन, प्रमाणन सहयोग, बाजार की अद्यतन जानकारी और प्रक्रियात्मक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इससे समय पर समाधान और राज्य स्तरीय संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा।
एपीडा, बिहार का कार्यालय
बिहार में कृषि निर्यात को नई दिशा देने के लिए एपीडा ने पटना के मीठापुर स्थित कृषि भवन में अपना प्रथम क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किया। हाल ही में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 7 मीट्रिक टन मिथिला मखाना (लगभग ₹1 करोड़ मूल्य) के निर्यात का फ्लैग-ऑफ किया। यह पहली वाणिज्यिक खेप अमेरिका, कनाडा और न्यूजीलैंड के लिए रवाना की गई।
सरकार के इस प्रयास से बिहार के किसानों की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।


