पटना, 24 सितंबर: बिहार के किसान दुर्गेश कुमार ने जलवायु अनुकूल खेती अपनाकर न केवल अपनी आय में वृद्धि की है, बल्कि पूरे राज्य के लिए मिसाल पेश की है। मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर के अंजनाकोट निवासी दुर्गेश ने मोटे अनाज की खेती कर सरकार के कार्यक्रम का लाभ उठाया और कम लागत में अच्छा मुनाफा कमाया।
कम लागत में बढ़ा मुनाफा
दुर्गेश ने 5 एकड़ भूमि पर मरूआ, सांवां और कौनी जैसी फसलों की खेती की। उन्होंने बताया कि सरकारी प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता ने खेती की दिशा ही बदल दी। बढ़ती मांग और कम लागत ने उनकी खेती को लाभकारी बना दिया।
जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम की शुरुआत
बिहार सरकार ने 2019 में जलवायु परिवर्तन और असामयिक वर्षा को देखते हुए यह कार्यक्रम शुरू किया था। इसका उद्देश्य बदलते मौसम के अनुसार फसल पद्धति में बदलाव लाना और किसानों को लाभ पहुंचाना है।
राज्यभर में विस्तार
शुरुआत में यह योजना केवल 8 जिलों में लागू थी, लेकिन 2020 में इसकी सफलता को देखते हुए इसे राज्य के सभी 38 जिलों में बढ़ा दिया गया। इस कार्यक्रम के तहत 190 गांवों को मौसम के अनुकूल मॉडल कृषि गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिला स्तरीय कृषि विज्ञान केंद्र वैज्ञानिक सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
सरकारी प्रोत्साहन और भविष्य
बिहार सरकार लगातार जलवायु अनुकूल कृषि को बढ़ावा दे रही है। किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मदद और सरकारी प्रोत्साहन से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राज्य के किसान कम लागत में अधिक उत्पादन और मुनाफा कमा सकें। दुर्गेश की सफलता ने इसे राज्यभर में एक प्रेरक मॉडल बना दिया है।


