बिहार की लोककलाओं की झलक प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-ऑक्शन 2025 में

40 कलाकृतियाँ बोली के लिए उपलब्ध, आय से ‘नमामि गंगे परियोजना’ को मिलेगा सहयोग

नई दिल्ली/पटना, 23 सितम्बर 2025: आजादी का अमृत महोत्सव के तहत संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-ऑक्शन 2025 में इस बार बिहार की लोक कलाओं का भव्य प्रदर्शन किया जा रहा है। राज्य की 40 चुनिंदा कलाकृतियाँ—जिनमें मधुबनी पेंटिंग्स और सिकी आर्ट की अनुपम झलक है—अब ऑनलाइन बोली के लिए उपलब्ध हैं।

यह ई-ऑक्शन राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा (NGMA), दिल्ली द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसकी शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी और हर साल प्रधानमंत्री को प्राप्त उपहारों एवं स्मृति चिन्हों को जनता के लिए नीलामी में शामिल किया जाता है। नीलामी से प्राप्त राशि नमामि गंगे परियोजना को दी जाती है।

बिहार की कलात्मक प्रस्तुतियाँ

  • मधुबनी पेंटिंग: भगवान कृष्ण और गोपियाँ
    मिथिला की प्रसिद्ध शैली में बनी यह पेंटिंग कृष्ण और गोपियों के दिव्य प्रेम और आनंद को दर्शाती है। प्राकृतिक रंगों, जटिल पैटर्न और जीवंत आरेखण से सजी यह कलाकृति बोली लगाने वालों के लिए विशेष आकर्षण है।
  • मिथिला पेंटिंग: स्त्री, कमल और शिवलिंग
    पारंपरिक शैली की यह चित्रकृति एक महिला को कमल पकड़े और शिवलिंग के साथ दर्शाती है। चमकीले रंग और पारंपरिक डिज़ाइन इसे विशेष बनाते हैं। यह भारतीय लोककला और आस्था का अद्भुत संगम है।
  • सिकी आर्ट फ्रेम: भगवान राम और सीता
    दरभंगा के विधायक संजय सरावगी द्वारा प्रधानमंत्री को भेंट किया गया यह फ्रेम बिहार की अनोखी सिकी घास कला में बना है। सुनहरे रंगों से सजे इस चित्र में भगवान राम अपने धनुष-बाण के साथ और सीता जी दिव्य रूप में दर्शायी गई हैं।

जीवंत विरासत की झलक

बिहार से शामिल अन्य कलाकृतियाँ भी लोककथाओं, त्योहारों, अनुष्ठानों और सामुदायिक जीवन को जीवंत रूप में दर्शाती हैं। ये कलाएँ आज भी स्थानीय महिलाओं और समुदायों द्वारा प्रचलित हैं और लोक परंपराओं को आगे बढ़ा रही हैं।

कब और कहाँ

सभी नीलामी आइटम NGMA, दिल्ली में सार्वजनिक अवलोकन के लिए रखे गए हैं।
ऑनलाइन बोली 2 अक्टूबर 2025 तक आधिकारिक पोर्टल pmmementos.gov.in पर की जा सकती है।

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