परिवार नियोजन में बढ़त: अस्थाई साधनों का इस्तेमाल 17% तक बढ़ा

पटना, 21 सितंबर। बिहार में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस साल अस्थाई गर्भ निरोधक साधनों की मांग और वितरण पिछले वर्ष की तुलना में 16.41% से 17% तक बढ़ गया है। यह दर्शाता है कि पुरुष और महिलाएं दोनों परिवार नियोजन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।

वितरण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी

  • कॉपर-टी, अंतरा, छाया, माला एन, ईजी पिल सहित विभिन्न अस्थाई साधनों का वितरण इस बार पिछले साल के मुकाबले 26 लाख 36 हजार 692 अधिक हुआ है।
  • पिछले साल कुल 1 करोड़ 34 लाख 34 हजार 14 साधनों का वितरण हुआ था, जबकि इस बार यह संख्या 1 करोड़ 60 लाख 70 हजार 706 तक पहुंच गई है।

विभिन्न साधनों का वितरण

  • साप्ताहिक गर्भ निरोधक गोली छाया: पिछले वर्ष 11,84,209 → इस बार 14,13,130 (15% बढ़ोतरी)
  • आपातकालीन गर्भ निरोधक गोली: पिछले वर्ष 4,39,040 → इस बार 5,43,780 (20% बढ़ोतरी)
  • दैनिक गर्भ निरोधक गोली: पिछले वर्ष 14,34,074 → इस बार 16,69,758 (17% बढ़ोतरी)
  • कॉडोम: पिछले वर्ष 1,37,06,691 → इस बार 1,57,87,038 (17% बढ़ोतरी)

विभाग का दृष्टिकोण

राज्य स्वास्थ्य समिति के अधिकारी बताते हैं कि जागरूकता बढ़ने से लोग अपने बच्चों के बीच निर्धारित अंतर रखना चाहते हैं। परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों को लोग अब विश्वसनीय और प्रभावी माध्यम मान रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग परिवार नियोजन के लिए कई योजनाएं चला रहा है, जिसमें स्थाई और अस्थाई साधनों के माध्यम से लोगों को इस दिशा में प्रोत्साहित किया जा रहा है। पिछले साल की तुलना में इस बार लगभग सभी साधनों में 15 से 20 प्रतिशत तक का इजाफा देखा गया है।

इस तरीके से वर्ष 2025 में बिहार में परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों का वितरण पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 17 प्रतिशत अधिक हुआ है।


 

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