गुणवत्ता नियंत्रण, ब्रांडिंग और आधुनिक तकनीक पर मिला प्रशिक्षण
पटना, 21 सितंबर 2025। बिहार में शहद उत्पादन को नई ऊँचाई देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान, पटना में एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राज्य की लगभग 250 शहद उत्पादक सहयोग समितियों के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।
कार्यशाला का उद्देश्य
इस कार्यक्रम का मकसद समितियों के कौशल और व्यवसाय वृद्धि के साथ-साथ उन्हें प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन तकनीकों से जोड़ना था। कार्यशाला में एक लघु फिल्म के माध्यम से सहकारिता विभाग की योजनाओं और पहलों की जानकारी भी दी गई।
मंत्री का संबोधन
कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए सहकारिता विभाग के मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा:
“शहद उत्पादक सहयोग समितियाँ किसानों की आय बढ़ाने का एक मजबूत जरिया हैं। विभाग का उद्देश्य सिर्फ शहद का उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि प्रसंस्करण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के जरिए बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना है।”
उन्होंने बताया कि सरकार, उद्यान निदेशालय के जरिए शहद उत्पादकों को जो सुविधाएँ दे रही है, वही सुविधाएँ समितियों को फेडरेशन के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएँगी।
तकनीकी प्रशिक्षण
- समितियों को मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन तकनीक पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
- गुणवत्ता नियंत्रण और ब्रांडिंग के महत्व पर विशेष जोर दिया गया ताकि बिहार का शहद अंतरराष्ट्रीय पहचान बना सके।
- सहकारी अधिनियम, नियमावली और उपविधि पर भी विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी
इस अवसर पर निबंधक, सहयोग समितियाँ श्री रजनीश कुमार सिंह, अपर निबंधक (साख) श्री प्रभात कुमार, अपर निबंधक (प्रशासन) श्री रामनरेश पांडेय, अपर निबंधक (न्यायिक) श्री विकास कुमार बरियार, संयुक्त निबंधक (अंकेक्षण), निदेशक श्री कामेश्वर ठाकुर, डी.एन. सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान के डॉ. के.पी. रंजन और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।


