पटना। बिहार में चुनावी साल चल रहा है और चुनाव आयोग इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी में है। चुनावी सरगर्मी बढ़ने के साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। इस बीच जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने बिहार सरकार और खासकर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर निशाना साधा है।
मैट्रिक और डॉक्टरेट डिग्री पर सवाल
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मैट्रिक परीक्षा पास नहीं की है, जबकि उनका दावा है कि उनके पास कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की डिग्री है। PK ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी जिसमें यह सामने आया कि बिहार शिक्षा बोर्ड ने उन्हें केवल 234 अंक दिए थे और वे मैट्रिक में फेल हुए थे।
प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा और कहा, “चुनाव आयोग यह नहीं पूछ रहा कि उन्होंने मैट्रिक कब पास की। अगर उनके पास डॉक्टरेट है, तो भी क्या बिना मैट्रिक डिग्री मिल सकती है?”
नाम बदलने और आपराधिक इतिहास पर आरोप
PK ने डिप्टी सीएम के नाम बदलने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उनका असली नाम राकेश कुमार था, जो बाद में सम्राट चौधरी और फिर सम्राट कुमार मौर्य बन गया।
साथ ही, प्रशांत किशोर ने 1998 के एक गंभीर आपराधिक मामले का जिक्र किया। उनके अनुसार, उस समय सम्राट चौधरी पर राजनीतिक विरोधी सदानंद सिंह की हत्या में शामिल होने का आरोप था, जिसमें छह लोग मारे गए थे। PK ने कहा कि सम्राट चौधरी को जेल हुई थी, लेकिन नाबालिग होने के कारण रिहा कर दिया गया और बाद में मंत्री बनाए जाने पर उम्र कम होने के कारण उन्हें निलंबित भी किया गया।
राजनीतिक हलचल
प्रशांत किशोर के इन आरोपों के बाद बिहार की सियासत में हलचल बढ़ गई है। विधानसभा चुनाव से पहले यह विवाद पार्टी और विपक्ष दोनों के लिए रणनीतिक मुद्दा बन सकता है।


