भागलपुर में साइबर थाना की बड़ी कार्रवाई: नकली सर्टिफिकेट बनाने वाला कैफे सील, 6 आरोपी गिरफ्तार

छापेमारी में 29 फर्जी सर्टिफिकेट, 15 नकली मोहर, कंप्यूटर-लैपटॉप और ₹40,700 नकद बरामद


भागलपुर | 18 सितंबर 2025

बिहार में साइबर अपराध की रोकथाम के तहत भागलपुर पुलिस ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भागलपुर साइबर थाना ने घंटाघर चौक स्थित एक कॉम्प्लेक्स के सोनू साइबर कैफे पर छापेमारी कर नकली सर्टिफिकेट बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, मोहर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इस मामले में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।


कैसे हुआ खुलासा?

पुलिस को सूचना मिली थी कि सोनू साइबर कैफे में कंप्यूटर की मदद से जाली प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं।

  • इस पर थाना में सनहा दर्ज कर एक पुलिस पदाधिकारी को सादे लिबास में कैफे पर भेजा गया।
  • पदाधिकारी ने आम नागरिक बनकर सर्टिफिकेट बनवाने की कोशिश की।
  • कैफे संचालक ने तुरंत नकली सर्टिफिकेट तैयार कर दिया और ₹500 शुल्क लिया।

यही इस धंधे की पोल खोलने का सबसे बड़ा सबूत बना।


पुलिस ने बनाई स्पेशल टीम

खुलासे के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक के आदेश पर नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी में पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) कनिष्क श्रीवास्तव और थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल बनाया गया।

  • टीम में साइबर थाना के कई अधिकारी और सशस्त्र बल शामिल थे।
  • छापेमारी के दौरान पूरी वीडियोग्राफी भी कराई गई।

क्या-क्या मिला?

छापेमारी के दौरान पुलिस ने कैफे से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और उपकरण जब्त किए।

  • 29 जाली प्रमाणपत्र (विभिन्न यूनिवर्सिटी और कॉलेज के)
  • 15 नकली मोहर
  • CPU – 6, लैपटॉप – 3, मॉनिटर – 7
  • नकद – ₹40,700

गिरफ्तार आरोपी

  1. मोहम्मद शाहनवाज उर्फ सोनू (कैफे संचालक), थाना बबरगंज, भागलपुर
  2. मोहम्मद अकरम, थाना हबीबपुर, भागलपुर
  3. मनोहर मंडल, थाना अमरपुर, बांका
  4. मोहम्मद अमरुद्दीन, थाना साहगंज, भागलपुर
  5. मोहम्मद अमन अफरोज, थाना हबीबपुर, भागलपुर
  6. मोहम्मद आफरीद, थाना इशाकचक, भागलपुर

पुलिस का सख्त संदेश

भागलपुर साइबर थाना की इस कार्रवाई ने नकली सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोहों को साफ चेतावनी दे दी है। पुलिस का कहना है कि फर्जी दस्तावेज बनाने या बेचने वाले किसी भी नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा।

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