बोधगया (बिहार), 17 सितम्बर 2025। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की दूसरी वर्षगांठ पर बिहार के बोधगया में मेगा कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्री (MSME) श्री जीतन राम मांझी ने की। इस दौरान 2,500 से अधिक लाभार्थियों ने हिस्सा लिया।
बिहार में बड़ी उपलब्धि : 1.62 लाख शिल्पकार जुड़े
मंत्री मांझी ने बताया कि बिहार में 1.62 लाख कारीगर और शिल्पकार पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़े हैं। इनमें से 1.05 लाख को पारंपरिक और आधुनिक कौशल का प्रशिक्षण दिया गया है।
अब तक ₹160 करोड़ के ऋण लगभग 19,000 लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं। अकेले गया ज़िले में 735 कारीगरों को ₹7 करोड़ के ऋण से लाभान्वित किया गया।
समावेशिता पर विशेष ध्यान
मंत्री ने कहा कि बिहार में योजना के 92% लाभार्थी एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग से हैं। वहीं, महिलाओं की हिस्सेदारी 33% है। उन्होंने बताया कि इससे समाज के वंचित वर्गों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
प्रदर्शनी और अनुभव साझा सत्र
कॉन्क्लेव के तहत 17 सितम्बर से दो दिवसीय प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया है। इसमें 100 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें बिहार के बुनकरों और कारीगरों द्वारा तैयार हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, मेटल वर्क और वुडक्राफ्ट प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा, तकनीकी कार्यशालाओं में मार्केटिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग पर प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही लाभार्थियों को टूलकिट और सिलाई मशीनें भी वितरित की गईं।
महिला उद्यमिता को बढ़ावा
केंद्रीय राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने कारीगरों को बधाई देते हुए महिलाओं से उद्यमिता को अपनाने और राज्य के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
बिहार सरकार के मंत्री भी रहे मौजूद
इस अवसर पर बिहार के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा, सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार और एससी-एसटी कल्याण मंत्री जनक राम भी मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एमएसएमई क्षेत्र को मज़बूत करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।


