पटना, 17 सितंबर 2025।बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। आज आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे इंदिरा एकादशी व्रत कहा जाता है। साथ ही आज पूरे देश में विश्वकर्मा पूजा और कन्या संक्रांति का पर्व भी मनाया जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह दिन श्रद्धा, भक्ति और सृजन के प्रतीक भगवान विश्वकर्मा की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है।
आज का पंचांग
- तिथि: आश्विन कृष्ण पक्ष एकादशी
- नक्षत्र: पुनर्वसु प्रातः 06:26 तक, उसके बाद पुष्य नक्षत्र
- योग: परिघ योग रात 10:55 तक, उसके बाद शिव योग
- करण: बव प्रातः 11:57 तक, उसके बाद बालव
- सूर्योदय: प्रातः 06:07 बजे
- सूर्यास्त: सायं 06:24 बजे
- चंद्रमा: कर्क राशि में गोचर
राहुकाल और अमृत काल
- राहुकाल: दोपहर 12:15 से 01:47 बजे तक (इस दौरान कोई भी शुभ कार्य वर्जित माना जाता है)
- अमृत काल: रात 12:06 से 01:43 बजे तक (अगले दिन)
आज के प्रमुख पर्व और व्रत
- इंदिरा एकादशी व्रत: मान्यता है कि इस व्रत से पितृ तृप्त होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- विश्वकर्मा पूजा / विश्वकर्मा जयंती: उद्योग, कारखानों, मशीनरी और औजारों की पूजा आज की जाती है।
- कन्या संक्रांति: आज सूर्य का प्रवेश कन्या राशि में होगा, जिससे नए शुभ संयोग बनेंगे।
धार्मिक और सामाजिक महत्व
आज का दिन श्राद्ध पक्ष में विशेष माना गया है। इंदिरा एकादशी पर उपवास और पूजा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। वहीं, विश्वकर्मा पूजा पर श्रमिक, कारीगर और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोग भगवान विश्वकर्मा की आराधना करते हैं। इससे कार्यक्षेत्र में उन्नति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।


