29,879 नाबालिग लड़कियों के नाम पर भी दर्ज हुई जमीन-जायदाद
सरकार को मिला 354 अरब से अधिक का राजस्व
पटना, 16 सितंबर।
बिहार में महिलाओं और लड़कियों के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम दर्ज किया गया है। पिछले पांच वर्षों (2020-25) के दौरान 23 लाख 29 हजार 869 महिलाओं और लड़कियों के नाम पर अचल संपत्तियों का निबंधन हुआ है। इसमें 29,879 नाबालिग लड़कियां भी शामिल हैं। जमीन, मकान और फ्लैट जैसी संपत्तियों के इस हस्तांतरण ने न सिर्फ महिलाओं को आर्थिक रूप से मज़बूत किया है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता का भी अहसास कराया है।
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इन लेन-देन से सरकार को 333 अरब 52 करोड़ 95 लाख रुपये स्टाम्प ड्यूटी और 21 अरब 31 करोड़ 74 लाख रुपये निबंधन शुल्क प्राप्त हुआ है।
साल-दर-साल महिलाओं के नाम पर संपत्ति निबंधन
| वित्तीय वर्ष | कुल निबंधन | नाबालिग लड़कियां | जमीन | जमीन+मकान | मकान | फ्लैट |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 2020-21 | 3,37,850 | 5,332 | 3,33,033 | 3,258 | 530 | 1,049 |
| 2021-22 | 4,15,653 | 6,044 | 4,09,514 | 4,294 | 1,088 | 757 |
| 2022-23 | 5,24,439 | 7,051 | 5,17,594 | 4,849 | 821 | 1,175 |
| 2023-24 | 4,68,770 | 5,809 | 4,61,503 | 5,211 | 1,073 | 983 |
| 2024-25 | 5,83,157 | 5,643 | 5,73,296 | 4,857 | 3,543 | 1,461 |
किस प्रकार की संपत्तियां
इन पांच वर्षों में सबसे अधिक निबंधन जमीन के नाम पर हुआ है। इसके बाद क्रमशः जमीन के साथ मकान, केवल मकान और फ्लैट का स्थान आता है।
- ग्रामीण और शहरी – दोनों क्षेत्रों में महिलाओं के बीच संपत्ति खरीदने का रुझान बढ़ा है।
- महिलाओं को इससे वित्तीय स्वतंत्रता और सुरक्षा का अनुभव हुआ है।
- संपत्ति के स्वामित्व ने महिलाओं को भविष्य पर नियंत्रण और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर किया है।
महिलाओं के लिए फायदे
सरकार ने महिलाओं के नाम पर संपत्ति निबंधन को बढ़ावा देने के लिए स्टाम्प ड्यूटी और प्रॉपर्टी टैक्स में छूट दी है।
- सामान्य निबंधन शुल्क: 8%
- महिलाओं के नाम पर निबंधन शुल्क: 7.6%
यह छूट महिलाओं को संपत्ति के स्वामित्व के लिए प्रोत्साहित कर रही है और राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित हो रही है।


