
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि, पितृ पक्ष श्राद्ध का विशेष महत्व
तिथि और वार
आज मंगलवार, 16 सितंबर 2025 को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। यह तिथि रात 12:22 बजे तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ होगी।
नक्षत्र और योग
- नक्षत्र: प्रातः 6:46 बजे तक आर्द्रा नक्षत्र, उसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र।
- योग: दोपहर 12:34 बजे से वरीयान योग आरंभ।
- करण: रात 12:22 बजे तक कौलव करण, उसके बाद तैतिल करण।
शुभ मुहूर्त और राहुकाल
- अभिजीत मुहूर्त: 11:51 पूर्वाह्न से 12:40 अपराह्न तक।
- अमृत काल: अगले दिन प्रातः 4:04 बजे से 5:38 बजे तक।
- राहुकाल: 3:20 अपराह्न से 4:53 अपराह्न तक (इस समय शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है)।
धार्मिक महत्व
पितृपक्ष की दशमी तिथि पर पूर्वजों के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करने का विशेष महत्व है। शास्त्रों में कहा गया है कि पितरों को अर्पित अन्न और जल से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और परिवार पर पितरों का आशीर्वाद बना रहता है।
विशेष संदेश
- वर्तमान में सूर्य दक्षिणायन में हैं।
- ऋतु: शरद ऋतु।
- आज का दिन पितरों की स्मृति में श्राद्ध, दान और धार्मिक कार्यों के लिए उत्तम है।
निष्कर्ष
मंगलवार, 16 सितंबर 2025 का दिन पितृपक्ष की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज के दिन श्रद्धापूर्वक पूर्वजों का स्मरण कर तर्पण एवं दान अवश्य करें। साथ ही, पुनर्वसु नक्षत्र और वरीयान योग के कारण दिन का एक भाग शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए भी उपयुक्त है।


