पूर्णिया। 68 करोड़ की लागत से बने पूर्णिया एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच पर निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव की मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।
सोशल मीडिया पर तस्वीरें सामने आने के बाद सवाल उठने लगे कि गांधी परिवार के करीबी माने जाने वाले पप्पू यादव एनडीए नेताओं के साथ मंच पर क्यों बैठे थे।
प्रोटोकॉल का हिस्सा
बीजेपी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह कोई चुनावी सभा नहीं, बल्कि सरकारी कार्यक्रम था। ऐसे आयोजनों में स्थानीय सांसद को मंच पर स्थान देना प्रोटोकॉल का हिस्सा होता है। इसी वजह से पप्पू यादव प्रधानमंत्री के मंच पर मौजूद थे।
श्रेय को लेकर खींचतान
एयरपोर्ट उद्घाटन को लेकर श्रेय की राजनीति भी शुरू हो गई है।
- पप्पू यादव ने दावा किया कि यह बीस साल पुरानी मांग थी, जिसे पूरा कराने के लिए उन्होंने लगातार कोशिश की। सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्होंने इसे अपनी उपलब्धि बताया।
- वहीं, एनडीए नेता इसे केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धि बता रहे हैं।
चर्चा क्यों बढ़ी?
पप्पू यादव अक्सर खुद को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का सिपाही बताते हैं। कांग्रेस नेताओं की बैठकों में उनकी सक्रिय मौजूदगी भी इस छवि को मजबूत करती रही है।
ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच पर उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक हलचल और बढ़ा दी है।
कुल मिलाकर, पूर्णिया एयरपोर्ट का उद्घाटन विकास का प्रतीक माना जा रहा है, लेकिन मंच पर बैठने वालों की सियासत ने इस कार्यक्रम को और ज्यादा चर्चित बना दिया।


